श्रीगंगानगर.
गर्भ में भ्रूण की जांच करने वालों के खिलाफ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए डॉक्टर सहित पांच जनों को पकड़ा। पीसीपीएनडीटी टीम ने मुखबिर के जरिए दलाल सागरवाला निवासी त्रिलोक पुत्र गुरुदयाल सिंह जाति अरोड़ा से जांच के लिए संपर्क साधा, जिस पर उसने पहले बुधवार और उसके बाद गुरुवार को श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर बुलाया।
दलाल ने जांच करवाने की एवज में चालीस हजार रुपए लिए और गर्भपात करवाने के अलग से रुपए लगने की बात कही। इसके बाद दलाल ने गर्भवती महिला को पहले जिला मुख्यालय पर घुमाया और फिर उसे लेकर अबोहर पहुंचा, जहां दूसरा दलाल बल्लूवाना निवासी झोलाछाप सुनील पुत्र भजनलाल जाति कंबोज सिख मिला और फिर महिला को जलालाबाद ले गए। वहां तीसरी दलाल 30 वर्षीय मनजीत कौर पत्नी मुख्तयार सिंह जाति रायसिख मिली और गर्भवती महिला को वहां मुख्य बाजार स्थित प्रीत नर्सिंग होम में ले गई। वहां सोनोग्राफी सेंटर में चिकित्सक ने गर्भवती महिला की जांच की और भू्रण की जानकारी दी। गर्भवती महिला के इशारा करने पर टीम मौके पर पहुंची और सेंटर की जांच की।
टीम में यह थे शामिल--एएसपी शिल्पा चौधरी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में सीआई उमेश कुमार निठारवाल, सीआई पूर्णमल यादव, पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, अर्श बराड़ व विशाल बिश्नोई मौजूद रहे।
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ये आए गिरफ्त में
राजस्थान के एक झोलाछाप सहित पंजाब के एक झोलाछाप व नर्स और जलालाबाद के सोनोग्राफी सेंटर संचालक को टीम ने गिरफ्तार किया। वहीं सोनोग्राफी मशीन को सीज कर आवश्यक दस्तावेज जब्त किए हैं। इस कार्रवाई में दलाल मनजीत कौर,दलाल त्रिलोक व सुनील कुमार सहित सोनोग्राफी सेंटर संचालक 66 वर्षीय डॉक्टर अमरजीत सिंह पुत्र बख्त सिंह अरोड़ा को पकड़ा। चिकित्सक हरप्रीत कौर ठक्कर पत्नी डॉक्टर अमरजीत सिंह मौके का फायदा उठाकर फरार हो गई।
एनएचएम के एमडी व पीसीपीएनडीटी राज्य प्रभारी आईएएस नवीन जैन के निर्देशों पर हुई कार्रवाई में पीबीआई थाना व श्रीगंगानगर टीम शामिल रही।





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