झुंझुनूं. ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ वाइस चांसलर्स एंड एकेडमीशियंस नई दिल्ली की ओर से शनिवार को महर्षि दयानंद महिला पीजी विज्ञान महाविद्यालय में महिला सशक्तिकरण एवं उच्च शिक्षा विषय पर शेखावटी एकेेडमी सम्मेलन हुआ।
कार्यक्रम में महिला शिक्षा व नारी सशक्तिकरण में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रसिद्ध गणितज्ञ डॉ. घासीराम वर्मा तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की उप निदेशक नर्बदा इंदोरिया को शॉल, श्रीफल, प्रतीक चिन्ह के साथ लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किया गया।
मुख्य अतिथि स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर के कुलपति बीआर छीपा थे। अध्यक्षता जोधपुर विवि के पूर्व कुलपति व एआईएवीसीए के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. लोकेश शेखावत ने की। विशिष्ट अतिथि आयुष गुजरात के निदेशक रणदीपसिंह व कॉलेज प्राचार्य डॉ. आरएस जाखड़ थे।
अतिथियों ने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी हैं। प्रो.लोकेश शेखावत ने पत्रवाचन किया तथा आभार जताया। उन्होंने डॉ. घासीराम वर्मा को एआईएसीए के संरक्षक पद का दायित्व सौंपा। महाविद्यालय के सचिव डॉ.हनुमान प्रसाद, प्राचार्य रामस्वरूप जाखड़, डीवी शास्त्री, दयाराम महरिया, हरिराम महण व विजय गोपाल ने अतिथियों का स्वागत किया।
तकनीकी सत्र की मुख्य वक्ता नर्बदा इंदोरिया ने कहा कि नारी आदिकाल से ही हर क्षेत्र में सशक्त रही है। उन्होंने सांसारिक दृष्टि से सशक्त होने से पहले व्यक्ति के नजरिए के सशक्त होने की बात कही। मुख्य अतिथि एनएमटी कॉलेज प्राचार्या अलका अग्रवाल थी। अध्यक्षता राजकीय बालिका पीजी कॉलेज फरीदाबाद की प्राचार्य भगवती राजपूत ने की।
कमजोर है नहीं, हम बना देते हैं
समापन सत्र के मुख्य अतिथि पूर्व आईजी डॉ सीबी शर्मा ने कहा कि महिला कमजोर है ही नहीं। हम कह कहकर उसे कमजोर बना रहे हैं। हम जानबूझकर ऐसा माहौल बना देते हैं कि वह खुद को कमजोर महसूस करने लगती है। उसके सामने सकारात्मक बाते करें। डॉ शर्मा ने आइटी की जानकारी देते हुए इसके फायदे उठाने का आह्वान किया। अध्यक्षता कॉलेज सचिव डॉ.हनुमान प्रसाद ने की। विशिष्ट अतिथि जवाहरलाल विवि दिल्ली के प्रो.मिलाप पूनिया थे। इस अवसर पर अशोक सिंह बड़ागांव, डॉ.सुशीला दुबे, कृष्णा राठौड़, जीना, कैलाश, सीए मनीष अग्रवाल समेत अनेक लोग मौजूद थे। संचालन मूलचंद झाझडिय़ा ने किया।





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