बीकानेर. संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में एमआरआई मशीन तीन दिन से बंद पड़ी है। इससे मरीज और परिजन परेशान है। भामाशाह, वरिष्ठ नागरिक, बीपीएल पात्र व्यक्तियों को मजबूरन निजी लैब में पैसे देकर जांच करानी पड़ रही है, जबकि बेहत गरीब परिवार के मरीज मशीन ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं।
एमआरआई एवं सिटी स्केन सेंटर के आंकड़ों के मुताबिक हर दिन यहां 20-25 मरीजों की एमआरआई होती है। पीबीएम सूत्रों ने बताया कि एमआरआई मशीन काफी पुरानी हो चुकी है, इस कारण यह आए दिन खराब हो जाती है। इस वजह से मरीजों को कई दिनों तक जांच कराने के लिए इंतजार करना पड़ता है।
ढाई महीने से नहीं हो रही सोनोग्राफी
पीबीएम के ट्रोमा सेंटर में ढाई महीने से सोनोग्राफी मशीन बंद है। इससे मरीजों को सोनोग्राफी कराने के लिए मुख्य भवन जाना पड़ता है। आपात स्थिति में गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर पर मुख्य भवन लाते हैं। सूत्रों के मुताबिक मशीन का वार्षिक मेंटेनेंस कांट्रेक्ट खत्म हो गया है, जिसके चलते मशीन काम नहीं ली जा रही।
कोई सुनवाई नहीं
सिहाणा निवासी ऊगमसिंह छह अक्टूबर को सड़क हादसे में घायल हो गया। कमर व गर्दन में चोट आई है। चिकित्सक ने एमआरआई की सलाह दी है। मशीन खराब होने से जांच नहीं हो पा रही। अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारियों को बताया गया, लेकिन मशीन ठीक नहीं हुई है।
सवाईसिंह राजपूत,मरीज का परिजन
दो दिन में होगी दुरुस्त
एमआरआई मशीन को दुरुस्त करने के लिए इंजीनियर आया हुआ है। दो दिन में ठीक हो जाएगी।
डॉ. पीके बैरवाल, अधीक्षक, पीबीएम अस्पताल





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