हिण्डौनसिटी. दीपावली पर्व में महज 10 दिन शेष हैं। क्षेत्र में लोग त्योहार की तैयारियों में जुटे हुए है, लेकिन विद्युत निगम के ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों की दीपावली इस बार फीकी रहने वाली है। त्योहारी सीजन में पगार नहीं मिलने से कर्मचारी आर्थिक तंगहाली से जूझ रहे हैं। हालांकि निगम ने तो उनके वेतन व दो प्रतिशत डीए की राशि का चेक बनाकर एसबीआई बैंक भेज दिया है, लेकिन बैंक प्रबंधन की लापरवाही से115 कर्मचारियों के साढ़े 17 लाख रुपए सर्वर में अटके हुए हैं।
पिछले तीन दिन से निगम की राजस्व शाखा के कर्मचारी बैंक में चक्कर काट रहें हैं, लेकिन बैंक कर्मचारी सर्वर डाउन होने की बात कह कर मामले से पल्ला झाड रहें हैं। विद्युत निगम के ए-द्वितीय कार्यालय में पदस्थ सहायक राजस्व अधिकारी (एआरओ) जोगेन्द्र शर्मा ने बताया कि सहायक अभियंता परिक्षेत्र मेे कार्यरत लेखाकार, चौकीदार, लिपिक, तकनीकी सहायक, हेल्परों समेत 115 कर्मचारियों की सातवें वेतन आयोग की अंतिम किश्त व दो प्रतिशत डीए भुगतान राशि 17 लाख50हजार 918 रुपए का चैक 25 अक्टूबर को धाकडपोठा स्थित एसबीआई शाखा में लगाया। लेकिन शाखा प्रबंधक ने स्टेशन रोड स्थित मुख्य शाखा में जाने के लिए कहा। इस पर विद्युत निगम कर्मचारी चैक भुगतान जारी करने की मांग को लेकर वहां पहुंचे। लेकिन मुख्य शाखा में भी सर्वर की समस्या बता मामले को अटका दिया गया।
एजीएम से की शिकायत
एआरओ जोगेन्द्र शर्मा ने बताया कि तीन दिन पीले चेक जमा कराने के उपरांत भी कर्मचारियों के खातों में पगार की राशि का भुगतान नहीं होने की शिकायत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के भरतपुर सहायक महाप्रबंधक से की है। उन्होंने जल्द समस्या समाधान का भरोसा दिलाया है।
प्रत्येक कर्मचारी को मिलेंगे 15 से 25 हजार तक
त्यौहारी सीजन में जेब खाली होने से निगम कर्मी तनख्वाह निकालने के लिए बैंक और एटीएम के चक्कर काट रहें हैं। लेकिन निगम की ओर से जमा कराए चैक के क्लिीयर नहीं होने से उनके खातों में रुपए नहीं पहुंच सके हैं। ऐसे में रीते पड़े खातों को देख कर्मचारी निराश होकर लौट रहे हैं। निगम द्वारा ग्रेड-पे के हिसाब से प्रत्येक कर्मचारी को 15 से 25 हजार रुपए का भुगतान किया जाना है।





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