श्रीगंगानगर.
आखिर जिला परिषद प्रशासन ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भतीज़् में चयनित 598 अभ्यथिज़्यों को पोस्टिंग देने पर शनिवार को मुहर लगा दी। राजस्थान पत्रिका के शनिवार के अंक में '598 शिक्षकों का पदस्थापन अटकाÓ समाचार प्रकाशित होने के बाद चयनित अभ्यथिज़्यों ने सिविल लाइन्स स्थित जिला प्रमुख प्रियंका श्योराण के आवास पर धरना दे दिया।
चयनित अभ्यथिज़्यों के नारेबाजी करने पर जिला प्रशासन और जिला परिषद प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। नारेबाजी की सूचना मिलने पर कोतवाली का जाब्ता भी वहां पहुंचा और समझाइश करने का प्रयास किया। लेकिन अभ्यथिज़्यों ने कहा कि राज्य की जिला परिषदों ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भतीज़् के चयनितों को पोस्टिंग तक दे दी है। लोग हाईकोटज़् से भतीज़् पर स्टे लेने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसा हुआ तो उनका कॅरियर चौपट हो जाएगा। चयनित होने के बावजूद वे नौकरी से वंचित हो जाएंगे। इस बीच सीएमओ तक फोन की घंटिया बजने पर जिला परिषद के अधिकारी शनिवार को अवकाश के बावजूद ऑफिस खोलने पहुंचे और आनन-फानन में सूची तैयार कर जिला प्रमुख प्रियंका श्योराण के हस्ताक्षर करवाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक हरचंद गोस्वामी के साथ श्रीबिजयनगर पहुंच गए।
करीब पांच घंटे में चयनित अभ्यथिज़्यों को पदस्थापित करने के लिए स्टेंडिंग कमेटी की मीटिंग की औपचारिकताएं पूरी करवा दी। यह सूचना मिलने पर चयनित अभ्यथिज़्यों ने धरना हटा लिया। चयनित अभ्यथिज़्यों को सोमवार को नियुक्ति मिलेगी।
सीइओ ने बुलाया तो जिला प्रमुख का इनकार
जिला परिषद की सीइओ चिन्मयी गोपाल ने पंचायतीराज विभाग जयपुर के शासन सचिव को पत्र लिखकर शिकायत की थी। इसमें बताया कि करीब एक सप्ताह पहले जिला प्रमुख को तृतीय श्रेणी अध्यापक भतीज़् के चयनित अभ्यथिज़्यों के काउसलिंग के उपरांत सूचियों के अनुमोदन के संबंध में जिला स्थापना समिति की बैठक बुलाने का आग्रह किया लेकिन जिला प्रमुख ने इनकार कर दिया था।
ऐसे में दो दिन पहले डीइओ प्रारंभिक को जयपुर भी बुलाया लेकिन पंचायतराज विभाग के अधिकारियों ने जिला प्रमुख से साइन लेने की बाध्यता लगाकर अड़चन डाल दी।
पंचायत समितियों को आवंटित हुए अभ्यथीज़्
जिला परिषद प्रशासन के अनुसार पदमपुर पंचायत समिति क्षेत्र के लिए 79, रायसिंनगर में 93, अनूपगढ़ में 16, श्रीबिजयनगर में 30, घड़साना में 25, श्रीगंगानगर में 91, करणपुर में 65, सूरतगढ़ में 67, सादुलशहर पंचायत समिति में 57, डीइओ प्रारंभिक को उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए 75 सहित कुल 598 अभ्यथीज़् मिले हैं। इन ज्वाइनिंग के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
सीएमओ के आदेश पर किए हस्ताक्षर
यह सही है कि सीईओ के खिलाफ शिकायत पर कोई एक्शन नहीं हुआ था, इस कारण जिला स्थापना समिति की बैठक नहीं हो रही थी लेकिन शनिवार को सीएमओ से आदेश आया तो चयनित अभ्यथिज़्यों के पदस्थापन संबंधित फाइल पर साइन कर दिए गए हैं।
प्रियंका श्योराण, जिला प्रमुख जिला परिषद
बिहाइंड द स्टोरी
सीइओ और जिला प्रमुख के बीच पिछले दिनों जिला परिषद की साधारण सभा के बाद कई निमाज़्ण कायोज़्ं की अनुमति के दौरान आपस में तकरार हुई थी। सीइओ ने उन ग्रामीण क्षेत्रों में निमाज़्ण कायोज़्ं को अनुमति दी जहां अधिक जरूरत थी लेकिन जिला प्रमुख इस बात पर अड़ गई कि सूची के निमाज़्ण कायोज़्ं पर क्रमवार अनुमति दी जाए। सीइओ के अधीनस्थ अधिकारियों का कहना था कि प्रमुख ने अपने हिसाब से यह सूची बनाई थी। इस पर सीइओ आपत्ति थी। यहां से यह विवाद शुरू हुआ तो जिला प्रमुख ने किसी भी सरकारी कामकाज पर साइन करने से इनकार कर दिया। इसी कारण तृतीय श्रेणी शिक्षकों की नियुक्ति भी अटक गई।





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