नई दिल्ली। फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) भारतीयों का पसंदीदा निवेश विकल्प है, कारण है सुरक्षा और गारंटीड रिटर्न। बात जब बगैर किसी रिस्क के निवेश की होती है तो लोग एफडी को ही चुनते हैं। यह न सिर्फ वरिष्ठ नागरिकों, बल्कि ऐसे युवा जो बिना कोई जोखिम लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके बीच भी काफी पॉपुलर है। ज्यादातर लोग बैंकों में एफडी करवाना पंसद करते हैं। उन्हें लगता है कि बैंक एफडी पर सबसे अच्छा रिटर्न देते हैं। जबकि ऐसा नहीं है मौजूदा समय में बैंक फिक्स्ड डिपोजिट्स पर 6 से 7 फीसदी के बीच ब्याज दे रहे हैं। तो वहीं पेटीएम एफडी पर 8 फीसदी ब्याज दे रहा है।
ग्राहकों से नहीं वसूला जाएगा कोई चार्ज
बैंक में खोली गई एफडी को जब तोड़ा जाता हैं, तो ग्राहकों से प्रीमैच्योर विद्ड्रॉअल के लिए चार्ज भी वसूला जाता है। लेकिन पेटीएम में खोली गई एफडी के मामले में ऐसा नहीं है। अगर ग्राहक इस एफडी को मैच्योरिटी से पहले रिडीम करते हैं, तो ग्राहक से इसके लिए कोई चार्ज नहीं लिया जाता है। हालांकि अगर ग्राहक 7 दिन से भी कम दिन में इसे तोड़ते हैं, तो वक्त उसे कोई ब्याज नहीं मिलेगा।
इंडसइंड बैंक के साथ किया है करार
पेटीएम एक पेमेंट्स बैंक है इसलिए नियमों के मुताबिक यह एफडी की सेवा मुहैया नहीं कर सकता है। इस नियम को ध्यान में रखते हुए पेटीएम ने इंडसइंड बैंक के साथ करार किया है। पेटीएम की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक पेटीएम पेमेंट्स बैंक ग्राहक की तरफ से इंडसइंड बैंक के साथ एफडी खोलता है।





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