नर्इ दिल्ली। देशभर के अलग-अलग राज्यों आैर यूनियन टेरिटरी में ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के लिए अपना तय फाॅर्मेट है। इन अलग-अलग फाॅर्मेट की वजह से सरकार व ट्रैफिक पुलिस को कर्इ उलझनों का सामना करना पड़ता है। हाल ही में जारी हुए एक डेटा के मुताबिक, करीब 25 फीसदी भारतीयों के पास एक से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस है। सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से लिंक करना अनिवार्य नहीं किया है। हालांकि एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, बहुत जल्द देशभर में एक यूनिफाॅर्म फॅार्मेट वाला ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध होगा। सरकार इसपर तेजी से काम कर रही है।
क्या होंगे बदलाव
रिपोर्ट के मुताबिक, जुलार्इ 2019 तक आरटीआे द्वारा जारी किए जाने वाले सभी ड्राइविंग लाइसेंस एक समान फाॅर्मेट में होंगे। इसका मतलब है कि अब देशभर में जारी होने वाले ड्राइविंग लाइसेंस, एक ही रंग, डिजाइन आैर समान सिक्योरिटी फीचर्स के साथ होंगे। नए ड्राइविंग लाइसेंस में सिम कार्ड की तरह एक खास चिप आैर क्यूआर कोड भी होगा। रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है मेट्रो कार्ड की तर्ज पर नए ड्राइविंग लाइसेंस में नियर-फिल्ड कम्युनिकेशंस (एनएफसी) फीचर भी उपलब्ध होने की संभावना है। नए ड्राइविंग लाइसेंस में केंद व राज्य सरकार के प्रतीक के साथ-साथ जारी करने वाली अथाॅरिटी का भी नाम होगा। इसमें ब्लड ग्रुप आैर आॅर्गन डोनेशन के बारे में भी जानकारी होगी।
20 रुपए में रिन्यू हो जाएगा आपक ड्राइविंग लाइसेंस
ड्राइविंग लाइसेंस में ये बदलाव ने सिर्फ लर्निंग के लिए होगा बल्कि रिन्यू होने वाले सभी लाइसेंस इस मानक के हिसाब से बनेंगे। रोड ट्रांसपोर्ट व हाइवें मंत्रालय के मुताबिक प्रति दिन 32 हजार ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाते हैं जबकि प्रतिदिन 43 हजार नर्इ गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन होता है। एेसे में इस प्रक्रिया के बाद नर्इ गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन पर नए आरसी आैर नए ड्राइविंग लाइसेंस ही जारी होंगे। पुराना ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए मात्र 20 रुपए देने होंगे। वहीं राज्य सरकार को इस नए सिस्टम को अपनाने के लिए पर्याप्त समय भी दिया जाएगा।





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