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रेलवे बन बैठा है अजमेर का ठेकेदार, मजाक बना दिया है इन ऑफिसर्स को

अजमेर.

उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा दौराई रेलवे स्टेशन को सैटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए अजमेर विकास प्राधिकरण की 6 करोड़ की 7 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा कर क्वार्टर बनाने के मामले में प्राधिकरण के पत्रों का रेलवे पर असर नहीं हो रहा है।

रेलवे से अपनी जमीन पर कब्जा छुड़ा पाने में लाचार प्राधिकरण ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मदद की गुहार करते हुए अवैध निर्माण हटवाने तथा नाले पर किए गए अतिक्रमण को रोकने की मांग की है।

प्राधिकरण ने पुन: मंडल रेल प्रबंधक को पत्र लिखकर रेलवे स्टेशन बनाने के दौरान सरकारी नाले पर किए गए अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण को रोकने की मांग की है। प्राधिकरण सचिव के अनुसार दौराई रेलवे स्टेशन से भारतीय खाद्य निगम के गोदामों तक मीटर गेज रेल लाइन थी।

जिसके अवशेष भातीय खाद्य निगम की सीमा में स्थित है। इस लाइन के निर्माण की जानकारी पूर्व में प्राधिकरण ने रेलवे को दी थी, लेकिन रेलवे ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया। प्राधिकरण ने निर्देश दिए हैं कि स्वामित्व सम्बन्धी दस्तावेज अविलम्ब एडीए को उपलब्ध कराएं।

बिना अनुमति ही कर लिया क्वार्टर निर्माण

प्राधिकरण की ब्यावर रोड स्थित यह बेशकीमती जमीन अनुपयोगी पड़ी थी जिसे रेलवे ने प्राधिकरण की बिना अनुमति के कब्जा करते हुए अपने सीमाक्षेत्र में शामिल कर लिया है। प्राधिकरण की जांच में सामने आया कि रेलवे ने एडीए की करीब 6 करोड़ रुपए की साढ़े 7 बीघा कॉमर्शियल जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर 64 आवासों का निर्माण कर लिया है।

पानी की टंकी व भूमिगत टैंक का भी निर्माण किया गया है। रेलवे ने बरसाती नाले को दीवार बनाकर बंद कर दिया है। अजमेर के उपखंड अधिकारी जांच रिपोर्ट के अनुसार उक्त खसरा न तो रेलवे लाइन से है और न ही रेलवे को हस्तान्तरित है। उक्त भूमियां एडीए तथा पीडब्ल्यूडी के नाम दर्ज है।

एडीए के पत्रों का असर नहीं

एडीए ने रेलवे को अवैध निर्माण हटाने के लिए चेतावनी जारी करते हुए रेलवे के उप मुख्य अभियंता (निर्माण) को पत्र लिखा था, लेकिन रेलवे ने इसका कोई जवाब नहीं दिया। एडीए चेयरमैन ने यूओ नोट जारी कर अधिकारियों को मामले की जांच के निर्देश दिए थे।

इसके बाद प्राधिकरण अधिकारियों ने रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करते हुए मौका पर्चा तैयार हुआा। एडीए उपायुक्त ने रेलवे के अधिकारियों को दस्तावेज लेकर एडीए कार्यालय आने को कहा, लेकिन रेलवे का कोई भी कारिंदा एडीए नहीं पहुंचा।

एडीए ने रेलवे, खाद्य निगम से मांगे दस्तावेज

अजमेर-ब्यावर मार्ग की प्राइम लोकेशन की कॉमर्शियल भूमि को रेलवे द्वारा कब्जाने के मामले में एडीए ने रेल मंत्रालय तथा मंडल रेल प्रबंधक को भी अवगत कराया है। एडीए ने जिला प्रशासन को भी पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।

इसके अलावा मंडल रेल प्रबन्धक से रेलवे लाइन से सम्बन्धित दस्तावेज मांगे हैं। भारतीय खाद्य निगम जिला कार्यालय दौराई के क्षेत्र प्रबंधक को खाद्य निगम में अंदर की ओर से आने वाली रेलवे लाइन के सम्बन्ध में दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए पत्र लिखा गया है।



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