जयपुर. विदेश में नौकरी दिलाने और मौज-मस्ती करवाने के नाम पर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले नाइजीरियन गिरोह की कार्यप्रणाली को देखकर क्राइम ब्रांच भी दंग है। नाइजीरियन ठग ने शिकार को फांसने के लिए धाराप्रवाह हिंदी में बातचीत करने वाली युवतियों को मोटा कमीशन देने का लालच देकर गिरोह में शामिल कर लिया था। इनमें दिल्ली की मोनिका बातचीत में सबसे तेज तर्रार बताई गई है। मानसरोवर निवासी रिटायर्ड बैंककर्मी को भी मोनिका ने ही इंग्लैंड भ्रमण के मामले में बातचीत कर जाल में फांस लिया था। यह गिरोह मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और अरुणाचल के एक दर्जन से अधिक लोगों को फांस कर लाखों की ठगी कर चुका है।
मोबाइल और लेपटॉप उगल रहे हैं राज
क्राइम ब्रांच ने नाइजीरियन गिरोह से तीन लेपटॉप और पंद्रह मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। इनकी जांच में गिरोह के एक के बाद एक कई राज सामने आ रहे हैं, जिनके आधार पर पुलिस गिरोह के जाल में आए दूसरे राज्यों के लोगों के नाम-पते दर्ज कर संबंधित थाना पुलिस से उनकी तस्दीक करवा रही है। संयुक्त टीम गिरफ्तार आरोपी आर्थो आकेको, डेनिस, चुकू लासो, मणिपुर की सीके चुकाई और जयसिंहपुरा खोर निवासी दिलीप से पूछताछ कर रही है।
दिलीप को भी मोनिका ने जोडा
गिरोह को लोगों के बैंक खाता और मोबाइल नंबर देने के मामले में गिरफ्तार जयसिंहपुरा खोर निवासी दिलीप भी सबसे पहले मोनिका के ही संपर्क में आया था। उसने पुलिस को पूछताछ में बताया कि दिल्ली में मौज-मस्ती करने के दौरान वह मोनिका से मिला था। इसके बाद दिलीप और उसके साथियों की ओर से आयोजित पार्टियों में भी मोनिका अपनी अन्य सहेलियों के साथ कई बार जयपुर भी आ चुकी है। दिलीप के साथी निजी बैंक और कॉल सेंटर में काम करते हैं। इसके चलते मोनिका ने उसे भी जोड़ लिया।
तलाश जारी है
नाइजीरियन गिरोह से जुड़े दिल्ली, जयपुर सहित अन्य शहरों के युवक-युवतियों को भी नामजद कर लिया गया है, जिनकी तलाश जारी है।
-डा. नितिन दीप, एडिशनल कमिश्नर (प्रथम)





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