राजर्षि कॉलेज सर्किल को स्वरूप संवारने के लिए पहले गोद दिया गया। फिर नगर परिषद बोर्ड की बैठक में सर्किल का नाम शहीद चन्द्रशेखर आजाद के नाम से रखने का प्रस्ताव पारित किया। इसके बावजूद सर्किल के हालात सुधरने की बजाय और अधिक बिगड़ते गए। इस समय पूरा सर्किल बिखर गया है। गोद लेने वाली संस्थान भी चुप है। जिसके कारण सरकार, प्रशासन व संस्था का संदेश का आमजन में सही संदेश नहीं जा रहा है। राजर्षि कॉलेज में हजारों विद्यार्थी इसी सर्किल से कॉलेज में प्रवेश करते हैं। कई जिलों के यात्री बस व निजी वाहनों से यहां से गुजरते हैं। देश विदेश से आने वाले पर्यटक भी सिलीसेढ़ व सरिस्का सहित अन्य पर्यटन स्थलों की ओर यह हालात देखकर आगे निकलते हैं। आसपास की सडक़ पर एक-एक फीट के गड्ढे पड़े हैं। सर्किल की दीवारों से पत्थर निकल रहे हैं।
आए दिन वाहनों की टक्कर से सर्किल क्षतिग्रस्त होता जा रहा है। जल्दी इसकी देखरेख नहीं की गई तो सर्किल का अस्तित्व पर संकट आ सकते हैं। इस सर्किल को रोटरी इंटरनेशनल संस्थान ने गोद ले रखा है। शुरूआत में सर्किल को काफी कुछ सुधारा भी लेकिन अब कोई सुध नहीं ली जा रही है। हर दिन सर्किल की दीवारों से पत्थर व रोडियां निकल कर बाहर आ रही हैं। संस्थान के अध्यक्ष ललित कुमार ने बताया कि जानबूझकर टाइल्स उखाड़ी
गई है।





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