बीकानेर. पौंग बांध भले ही लबालब हो गया हो, लेकिन पंजाब राजस्थान को हिस्से का पानी देने में मनमानी कर रहा है। बांधों में पर्याप्त पानी होने से नहरों के चार समूहों में से दो समूह चलाए जाने का निर्णय किया गया। काश्तकारों को इंदिरा गांधी नहर का यह रेग्यूलेशन जारी कर दिया गया। अब पंजाब राजस्थान के हिस्से का निर्धारित पानी नहीं दे रहा है।
जानकारी के अनुसार चार में से दो समूहों में नहर चलाने के लिए साढ़े १२ हजार क्यूसेक पानी की जरूरत रहती है। पंजाब ११ हजार क्यूसेक ही पानी दे रहा है। इससे निर्धारित रेग्यूलेशन से नहरों में सिंचाई का पानी नहीं चल पा रहा है। यह मामला पंजाब और राजस्थान सरकार के स्तर पर उठाया गया। राजस्थान सरकार के जल संसाधन सचिव ने पंजाब सरकार के समकक्ष को पूरा पानी देने के लिए कहा है।
यह बनाया बहाना
पंजाब का कहना है कि फीडर कमजोर है। इससे साढे १२ हजार क्यूसेक पानी नहीं चलाया जा सकता। अभी ११ हजार क्यूसेक पानी चल रहा है। राजस्थान के इंजीनियर ने पंजाब को लिखित में दे दिया कि साढ़े १२ हजार क्यूसेक पानी चलाया जा सकता है। नहर की क्षमता १८ हजार क्यूसेक है। उसमें साढे १२ हजार क्यूसेक पानी चलाने से कोई असर नहीं होगा। वहीं पंजाब के एईएन ने लिखित में दिया है कि १२ हजार क्यूसेक पानी चलाने पर नहर का फीडर टूट सकता है।
आज बैठक में रखेंगे मुद्दा
इंदिरा गांधी नहर का चार में से दो समूहों का रेग्यूलेशन घोषित है। इसके लिए साढे १२ हजार क्यूसेक पानी की जरूरत है। पंजाब अभी ११ हजार क्यूसेक पानी दे रहा है। यह मामला राज्य सरकार के ध्यान में लाया गया है। सचिव स्तर पर बातचीत भी हुई है। शुक्रवार को संभागीय आयुक्त के समक्ष भी बैठक में मुद्दा रखा जाना है। अभी जैसलमेर के काश्तकारों के पानी में कटौती की जा रही है।
विनोद मित्तल, मुख्य अभियंता, सीएडी





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