अजमेर.
अभ्यर्थियों को राजस्थान लोक सेवा आयोग के सालाना भर्ती परीक्षाओं का कलैंडर का इंतजार है। दो साल से कलैंडर जारी नहीं हुआ है। इसको लेकर पूरे प्रदेश में आयोग पर निगाहें टिकी हैं।
आयोग आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा सहित कॉलेज लेक्चरर, स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा, कृषि, कारागार, कनिष्ठ लेखाकार और अन्य भर्ती परीक्षाएं कराता रहा है। कार्मिक विभाग, संबंधित विभाग और सरकार से अभ्यर्थना, पदों का वर्गीकरण मिलने के बाद परीक्षाएं होती हैं। कई मामलों में आयोग की परीक्षा तिथियां कलैंडर संघ लोक सेवा आयोग, विश्वविद्यालयों और अन्य एजेंसी से टकराती रहीं है।
उप्रेती चाहते हैं कलैंडर बनाना
आयोग अध्यक्ष उप्रेती ने बीती 22 जुलाई को पदभार ग्रहण करने के बाद भर्ती परीक्षा कलैंडर बनाने की इच्छा जताई थी। वे कलैंडर में नवाचार के इच्छुक हैं। इसके तहत कार्मिक विभाग से अभ्यर्थना मंगवाने, विभागवार पदों के वर्गीकरण निर्धारण के लिए निश्चित समय सीमा तय होनी है। आयोग ने कार्मिक विभाग और भर्ती अभ्यर्थना भेजने वाले सरकारी महकमों से संपर्क भी किया है। लेकिन इसके बाद कोई प्रगति नहीं हुई है।
इससे भी होता विलम्ब..
कार्मिक विभाग से आयोग को भर्ती अभ्यर्थना मिलती हैं। पदों की समीक्षा, वर्गीकरण और अन्य तकनीक पहलुओं पर विचार-विमर्श के बाद ही आयोग भर्ती विज्ञापन निकालता है। कई बार आयोग संबंधित विभाग से पदों की समीक्षा और वर्गीकरण को लेकर जवाब मांगता है। आयोग के जवाब मांगने के साधारण तरीके से भी भर्तियां मिलने, विज्ञापन जारी होने और परीक्षा में विलम्ब होता है।
यूपीएससी का कलैंडर मॉडल
संघ लोक सेवा आयोग का कलैंडर पूरे देश में मॉडल है। यह प्रतिवर्ष नियमित परीक्षाएं कराता है। इनमें आईएएस एवं अधीनस्थ सेवाओं की परीक्षाएं शामिल है। इसका कलैंडर प्रतिवर्ष बनाकर वेबसाइट पर अपलोड किया जाता है। दूसरे राज्यों के लोक सेवा आयोग इसके अनुसार अपनी भर्ती परीक्षाओं का कलैंडर और तिथियां तय करते हैं।





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