नई दिल्ली। ये देश का कैसा कानून है, यहां आम जनता से मामूली काम के लिए भी पैनकार्ड मांगा जाता है। लेकिन इसी देश में एक दो नहीं बल्कि कई ऐसे नेता है जिनकी दौलत तो करोड़ों में है लेकिन इनके पास पैनकार्ड तक नही हैं। दरअसल चुनावी सुधार पर काम करने वाली एडीआर (एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक्स रिफॉर्म्स) द्वारा जारी रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। इस रिपोर्ट के मुताबिक सात वर्तमान सांसदों और 199 विधायकों ने चुनाव आयोग में अपने पैन की डिटेल नहीं दी है। एडीआर ने चुनाव आयोग के पास जमा कराए गए शपथ पत्र की स्टडी करने के बाद यह जानकारी दी है।
इन नेताओं के नाम है शामिल
जिन नेताओं के नाम इस लिस्ट में शामिल हैं उसमें मिजोरम के कांग्रेसी सांसद सीएल रुआला, ओड़िशा के भुवनेश्वर संसदीय क्षेत्र के सांसद प्रसन्ना कुमार, लक्षद्वीप के मोहम्मद फैजल समेत कई ऐसे नेता हैं जो करोड़पति हैं लेकिन इन्होंने पैनकार्ड की डिटेल नहीं दी है।
इन करोड़पतियों के पास भी नहीं है पैनकार्ड
बिना पैनकार्ड वाले नेताओं की लिस्ट यही खत्म नहीं होती है। इसमें इसमें असम करीमगंज के राधेश्याम बिश्वास (संपत्ति 70.68 लाख), ओडिशा जाजपुर की सांसद रीता तराई (संपत्ति 16.22 लाख), तमिलनाडु, कृष्णानगरी के सांसद अशोक कुमार (संपत्ति 11.76 लाख) व तिरुवनामलाई के सांसद वनारोजा आर (संपत्ति 37 लाख) के नाम भी शामिल हैं। इन सांसदों ने अपने शपथ पत्र में पैन डिटेल नहीं दी है।
सांसदों से आगे विधायक
दौलत की बात करें तो इस मामले में सांसदों से आगे विधायक हैं। कई एमएलए के पास 20 करोड़ से अधिक संपत्ति हैं, लेकिन उन्होंने भी अपनी पैन डिटेल जमा नहीं कराई है। मणिपुर के एक एमएलए की संपत्ति 36 करोड़ है तो मिजोरम के एमएलए की संपत्ति 25 करोड़ रुपए है।





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