Breaking News
recent

राजनीति में महत्वपूर्ण है जोधपुर का योगदान, लेकिन महिलाओं की भागीदारी में आज तक सिर्फ एक पहुंच पाई मंत्रीमंडल तक

अविनाश केवलिया/जोधपुर. जोधपुर के नेताओं का राज्य में हर बार डंका बजा है। यहां की राजनीति का शुरू से ही राज्य में दखल रहा है। हर बार ‘सरकार’ में मौजूदगी दर्शाई है। जोधपुर जिले ने मंत्री ही नहीं दिए, बल्कि मुख्यमंत्री व प्रदेशाध्यक्ष तक दिए हैं। पिछले छह चुनाव की ही बात करें तो एक बार भी ऐसा नहीं हुआ जब जोधपुर से कोई मंत्री नहीं बना हो। जिले से अब तक 16 मंत्री बन चुके हैं। लगभग हर विधानसभा क्षेत्र से मंत्री की सौगात भी मिल चुकी है। लेकिन जिले से महिला प्रतिनिधित्व कम ही रहा है। अब तक हुए चुनावों में केवल तीन ही महिला विधायक बनी हैं। इनमें से कमसा मेघवाल जिले की पहली महिला मंत्री बनी हैं। यहां से दो महिला विधायक सूर्यकांता व्यास व रतन कंवर भी रही हैं।

कभी दो तो कभी तीन भी बने मंत्री
जिले में दस विधानसभा क्षेत्र हैं। हर बार जोधपुर जिले से कभी दो तो कभी तीन मंत्री बने हैं। ऐसे में जोधपुर जिले की राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

यूं जाने हर सरकार में मंत्री की स्थिति

वर्ष-2013: वसुन्धरा राजे सरकार-(भाजपा)
-गजेन्द्र सिंह खींवसर
-कमसा मेघवाल
-अर्जुनलाल गर्ग


वर्ष-2008 : अशोक गहलोत सरकार-(कांग्रेस)
-अशोक गहलोत-मुख्यमंत्री
-महिपाल मदेरणा

 

वर्ष-2003: वसुन्धरा सरकार-(भाजपा)
-रामनारायण डूडी
-जोगाराम पटेल- (संसदीय सचिव)


वर्ष-1998 : अशोक गहलोत सरकार-(कांग्रेस)
-अशोक गहलोत-मुख्यमंत्री
-रामसिंह विश्नोई
-राजेन्द्र चौधरी

वर्ष-1993: भैरोसिंह शेखावत सरकार-(भाजपा)
-जसवंत सिंह विश्नोई
-राजेन्द्र गहलोत

वर्ष-1990: भैरोसिंह शेखावत सरकार-(भाजपा)
-मोहन मेघवाल
-रामनारायण विश्नोई



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.