दौसा. जिले में बिना सुरक्षा उपकरणों के विवाह स्थलों का संचालन किया जा रहा है। जिनमें कभी भी बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता। निकायों द्वारा बार-बार नोटिस देने के बावजूद मैरिज गार्डन संचालकों के कानों पर जू तक नहीं रेंग रही है। जिले में आज भी कई मैरिज गार्डन ऐसे हैं, जिनका ना तो कोई पंजीयन कराया गया है और ना ही हादसे से बचाव के लिए कोई सुरक्षा (फायर) उपकरण लगाए गए हैं। जबकि मैरिज गार्डन संचालक प्रतिवर्ष इनसे लाखों रुपए कमाते हैं।
खास बात यह है कि मैरिज गार्डन संचालक संबंधित व्यक्ति से समारोह करने पर सफाई के नाम पर हजारों रुपए वसूल लेते हैं, लेकिन वे गंदगी को गार्डनों के समीप ही फैलाकर इतिश्री कर लेते हैं। इससे दूषित खाद्य सामग्री से उठती दुर्गंध के कारण लोगों का वहां से गुजरना तक मुश्किल हो जाता है।
कई मैरिज गार्डनों में लाइट फिटिंग तक नहीं की गई है। ऐसे में विवाह समारोह में तारों को जमीन पर खुला ही छोड़ दिया जाता है। इससे कई बार लोगों के करंट का झटका लग जाता है। गौरतलब है कि गत वर्ष नगर परिषद दौसा ने राजस्व जमा नहीं कराने तथा सुरक्षा के उपकरण नहीं लगाने पर जिला मुख्यालय पर नौ मैरिज गार्डनों को सीज करने की कार्रवाई की थी, लेकिन बाद में विवाह समारोह के चलते लोगों को आ रही परेशानियों को देखते हुए गार्डनों का संचालन फिर से शुरू कर दिया था।
इसके बाद भी मैरिज गार्डन संचालकों ने सुरक्षा व्यवस्था पूर्ण नहीं की है। हद तो यह है कि अधिकांश मैरिज गार्डनों में एक ही द्वार है, जबकि नियमानुसार दो द्वार होने पर किसी भी दुर्घटना या हादसे के दौरान होने वाली जनहानि से बचाया जा सकता है।
छह मैरिज गार्डन संचालकों को नोटिस
नगर परिषद दौसा ने मैरिज गार्डनों में सुरक्षा व्यवस्था नहीं करने व खामियां मिलने पर छह संचालकों को नोटिस जारी किए हैं। राजस्व अधिकारी श्यामलाल जांगिड़ व आरआई समयसिंह मीना ने बताया कि बार-बार हिदायत देने के बावजूद मैरिज गार्डन संचालक सुरक्षा के उपकरण नहीं लगाकर नियमों को पूरा नहीं कर रहे हैं।
इसके चलते विवाह पैलेस, गुप्तनाथ पैलेस, किंग्स पैरेडाइज, लायन पैरेडाइज, यशोधरा व सत्यनारायण लॉन के संचालकों को नोटिस जारी कर तीस दिवस में सुरक्षा (फायर) व्यवस्था पूर्ण करने तथा खामियों को दूर करने के निर्देश दिए हैं।





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