श्रीगंगानगर.
पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत गभज़् में भ्रूण जांच करने के मामले में गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को जेल भेज दिया है। चारों आरोपियों को टीम ने शुक्रवार को स्थानीय न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायालय ने चारों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
इससे पहले टीम ने चारों आरोपियों से पूछताछ की। इसके साथ ही पंाचवीं आरोपी महिला चिकित्सक को गिरफ्तार करने के लिए टीम पंजाब एरिया में तलाश कर रही है और पंजाब पुलिस से भी सहयोग लिया गया है। उल्लेखनीय है कि चारों आरोपियों को पंजाब के जलालाबाद से भ्रूण जांच मामले में गुरुवार को गिरफ्तार किया था। सीआई उमेश निठारवाला ने बताया कि गुरुवार को पंजाब के जलालाबाद से सागरवाला, श्रीगंगानगर निवासी झोलाछाप त्रिलोक पुत्र गुरुदयाल सिंह जाति अरोड़ा, बलूवाना अबोहर निवासी झोलाछाप सुनील पुत्र भजनलाल कंबोज सिख, प्रीत नसिंज़्ग होम जलालाबाद की नसज़् मनजीत कौर पत्नी मुख्तयार सिंह रायसिख और सोनोग्राफी सेंटर संचालक डॉक्टर अमरजीत सिंह पुत्र बख्त सिंह अरोड़ा को गिरफ्तार किया था।
वहीं चिकित्सक हरप्रीत कौर पत्नी डॉक्टर अमरजीत सिंह फरार होने में कामयाब रही। उन्होंने बताया कि चारों आरोपियों से सघनता से पूछताछ की गई, जिससे पता चला है कि ये लोग लंबे असेज़् से इस धंधे में लिप्त थे और भ्रूण जांच का कायज़् करते थे। श्रीगंगानगर निवासी त्रिलोक झोलाछाप चिकित्सक है और वही गभज़्वती महिलाओं को राजस्थान से ले जाकर पंजाब इलाके में सुनील व मनजीत आदि के सहयोग से जलालाबाद के प्रीत नसिंज़्ग होम में भ्रूण जांच करवाते थे।
शुक्रवार को सीआई उमेश कुमार निठारवाल, सीआई पूणज़्मल यादव, पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह, सीओआइइसी विनोद बिश्रोई, कांस्टेबल देवेंद्र शेखावत व राजेंद्र कुमार ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से इन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत गभज़् में भ्रूण जांच करने के मामले में गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को जेल भेज दिया है। चारों आरोपियों को टीम ने शुक्रवार को स्थानीय न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायालय ने चारों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।





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