झालावाड़.भारतीय किसान कृषि संकटों के बीच काम करते है। कभी असमय बारिश तो कभी सूखा तो कभी बाढ, पैदावार पर असर डालते हैं। किसानों को प्राकृतिक आपदाएं झेलनी पड़ती हैं। इसके चलते उनकी फसलों को काफी नुकसान होता है, इसका सीधा असर कृषि आय पर पड़ता है। इसके लिए सरकार ने किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए फसल बीमा योजना चला रखी है। हाल ही के दिनों में हुई बारिश से जिले में करीब 70 फीसदी नुकसान का आकलंन भी कृषि विभाग व किसानों के द्वारा बताया जा रहा है। ऐसे में सरकार ने किसानों के खेतों में जाकर फसलों का सर्वे करने के आदेश दिए है। लेकिन जिले में कृषि विभाग के कृषि पर्यवेक्षक व राजस्व विभाग के कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर चल रहे हैं। ऐसे में किसानों की खराब हुई फसलों का सर्वे कैसे हो पाएगा। ऐसे में जिले के किसानों की खराब हुई फसलों को मुआवजा कैसे मिलेगा। यह किसानों के लिए चिंता का विषय है।
यह होगी परेशानी-
जिले में गत दिनों हुई बारिश से उड़द व सोयाबीन की फसलें खराब हो गई थी, ऐसे में खेतों में जाकर फसल कटाई प्रयोग कृषि व राजस्व विभाग के कर्मचारियों को करना है, लेकिन राजस्व कर्मचारियों के 5 अक्टूबर तक सामूहिक पर चले जाने व कृषि पर्यवेक्षकों के एक दिवसीय सामूहिक अवकाश पर रहने से इन दिनों कोई फसल कटाई प्रयोग नहीं हो पा रहे हैं। इसके अलावा पटवारियों की कमी होने से समय पर गिरदावरी नहीं होने से मौके पर रिकॉर्ड भी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में फसल बीमा का सर्वे करने में परेशानी आ रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इस बार भी किसान क्लेम के लिए फसल कटाई प्रयोग व बीमा कंपनियों के जटिल नियमों में ही उलझ कर रह जाएगा।
जिले में इतने करने है प्रयोग-
जिले में 2966 फसल कटाई प्रयोग कृषि व राजस्व विभाग के कर्मचारियों को करने है। ऐसे में राजस्व परिषद के कर्मचारियों के 5 अक्टूबर तक सामूहिक अवकाश पर रहने से सर्वे का काम पूरी तरह से बाधित हो गया है। ऐसे में किसानों की फसले कट जाएगी, किसान खेतों से फसलों को घरों में लेकर आ जाएंगे। ऐसे में जिलेभर में करीब 93 हजार बीमित किसानों का सर्वे समय पर होना मुश्किल है। ऐसी स्थिति में नुकसान किसानों को ही उठाना पड़ेगा। फिर विभाग के लाख दावों के भावजूद किसान को कुछ नहीं मिलने वाला है।
समझौता पूरा नहीं होने से नाराज राजस्व कर्मचारी-
राजस्थान राजस्व सेवा परिषद के कर्मचारियों का 28 अप्रेल को मुख्य सचिव के साथ लिखित समझौता हुआ था, जिसे लागू नहीं करने पर राजस्व कार्मिक भू-अभिलेख निरीक्षक, पटवारी 3 से 5 अक्टूबर तक सामूहिक अवकाश पर चले गए है। इस सम्बंध में बुधवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन देने वालों में कानूगो संघ से सरिता शर्मा, अमित जैन, मोहनलाल वर्मा, पटवार संघ से जिलामहामंत्री खेमराजसिंह, ब्रदीलाल रेगर, राकेश फागणा आदि मौजूद थे।
सात सूत्री मांगों के विरोध में एक दिन सामूहिक अवकाश पर-
अखिल राजस्थान राज्य कृषि पर्यवेक्षक संगठन झालावाड़ ने अपनी सात सूत्री मांगों के विरोध में बुधवार को एक दिवसीय सामूहिक अवकाश पर रहे। कर्मचारियों की सात मांगों में प्रारम्भिक ग्रेड पे 3600 करने, सातवां वेतन आयोग लागू करने, नए कृषि पर्यवेक्षकों का कम किया वेतन पुन: देने, 4800 ग्रेड के पर्यवेक्षकों को सहायक कृषि अधिकारी बनाया जावें,पदौन्नति कोटा 60 फीसदी करने, पर्यवेक्षक व सहायक कृषि अधिकारी का अनुपात 1:4 करने, प्रत्येक ग्राम पंचायत में कृषि पर्यवेक्षक का पद सृजित करने, उद्यान विभाग में कृषि पर्यवेक्षक व सहायक कृषि अधिकारी के पद सृजित करने आदि मांगों को लेकर कर्मचारी एक दिवसीय अवकाश पर रहें। कृषि विभाग उपनिदेशक कार्यालय के सामने अवकाश पर बैठे कर्मचारियों में संगठन के जिलाध्यक्ष मलखान सिंह मीणा, जितेन्द्र कुमार मीणा, भावना गौतम, जगदीश चन्द नागर, कमलकांत पालीवाल, नरेन्द्र कुमार पाटीदार, सुरेश कुमार, हरपाल मीणा सहित कई लोग मौजूद थे।
प्रयास जारी है-
जिले में सर्वे का काम चल रहा है। फसल कटाई प्रयोग करीब 500 हो चुके हैं। सभी किसानों का सर्वे करने का प्रयास जारी है।
अतिश कुमार शर्मा, उपनिदेशक कृषि विस्तार,झालावाड़
समाज कल्याण अधिकारी भी सामूहिक अवकाश पर
झालावाड़. ग्रेड पे संशोधन व वेतन विसंगति दूर करने सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर समाज कल्याण अधिकारी संघ राजस्थान के त्ववावधान में बुधवार से सामूहिक अवकाश पर चले गए। सहायक निदेशक गौरी शंकर मीणा ने बताया कि सरकार को कई बार अवगत कराने के बाद भी अब तक कोई सकारात्क कार्रवाई नहीं हुई।इसके चलते 5 अक्टूबर तक सामूहिक अवकाश पर रहने का निर्णय लिया।





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