11 अक्टूबर की शाम करेंगे वृश्चिक राशि में प्रवेश
सीकर. गुरु ग्रह बृहस्पति 11 अक्टूबर को शाम 7 बजकर 20 मिनट पर तुला राशि से निकलकर वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। इसका अलग-अलग राशियों पर अलग-अलग असर होगा। गुरुदेव बृहस्पति को सभी ग्रहों में प्रधान माना जाता है। गुरु एक राशि में तेरह महीने तक रहते हैं। गुरु पुनर्वसु, विशाखा और पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र का स्वामी है। गुरु ग्रह का एक राशि में तेरह महीने का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। ज्योतिष के अनुसार वृश्चिक राशि मंगल की राशि है और मंगल गुरु के मित्र ग्रह माने जाते हैं। गुरु के इस राशि परिवर्तन से स्त्री जातकों के विवाह में त्रिबल शुद्धि हेतु गुरु बल में गुरु का राशि परिवर्तन विशेष महत्व रखता है। इसलिए शास्त्रों के अनुसार त्रिबल शुद्धि में गुरु के अपूज्य स्थिति में होने पर स्त्री जातक का विवाह वर्जित माना जाता है। पूज्य स्थानों पर गुरु की शांति के बाद स्त्री का विवाह किया जा सकता है। पंडित दिनेश मिश्रा के अनुसार गुरु ग्रह धनु व मीन राशि के स्वामी हैं। कर्क राशि में गुरु उच्च के एवं मकर राशि में गुरु नीच राशिस्थ होते हैं। स्त्री जातकों की जन्मपत्रिका में गुरु की स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। गुरु स्त्री जातकों के लिए पति का नैसर्गिक कारक होते हैं। स्त्री जातकों को पतिसुख प्राप्त होने में गुरु की विशेष भूमिका होती है। यदि किसी स्त्री जातक की कुंडली में गुरु अस्त, वक्री, निर्बल या अशुभ भावों में स्थित होते हैं तो उसे पतिसुख प्राप्त होने में विलम्ब रहता है।
किस राशि पर क्या प्रभाव
मिश्रा के अनुसार गुरु बुद्धि व विवेक के भी प्रतिनिधि होते हैं। जन्मपत्रिका में सबल गुरु का होना विद्वत्ता व बुद्धिमत्ता का द्योतक होता है। गुरु के राशि परिवर्तन से कर्क राशि, वृश्चिक राशि और मीन राशि वाले जातकों को राहत मिलेगी। वहीं मेष राशि, सिंह और धनुराशि वाले लोगों के लिए थोड़ा अहितकर हो सकता है। इससे बचने के लिए उनको दान पुण्य करना चाहिए।गुरु ग्रह के दान की वस्तुएं-चने की दाल, गुड़, पीला वस्त्र, पीलारंग, पीले फूल, लड्डु, हल्दी, रुपए व घी का दान अच्छा रहता है।
रोचक लगे ब्रजभाषा लीला के संवाद
दांतारामगढ़. दांता में चल रही रासलीला में शुक्रवार की रात दूसरे दिन नन्दोत्सव मनाया गया। वृदावन से आई रास मण्डल पार्टी की ओर से बृज भाषा में रासलीला का शानदार मंचन किया ।
गणेश पूजन के साथ रामलीला की शुरूआत
खाटूश्यामजी. श्रीराम कला मंडल संस्थान खाटूश्यामजी के तत्वावधान में तेरह दिवसीय रामलीला का शुभारंभ शनिवार संस्थान अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा ने फीता काटकर किया। समारोह में भाजपा नेता पवन पुजारी, गोपाल सिंह चौहान, एड. प्रहलाद राय शर्मा, गोपाल कुमावत, नरेंद्र मीणा, हनुमान प्रसाद कुमावत आदि आतिथियों का संस्थान की ओर से स्वागत किया गया। इससे पहले आचार्य श्रीराम शर्मा ने गणेश पूजन करवाया। इस अवसर पर संस्थान के कैलाश चंद शर्मा भगवान सहाय शर्मा, छोटूराम शेरावत, सुशील सोनी, नरेश मिश्रा, विकास सोनी, चंद्र प्रकाश रामूका सहित संस्थान के सभी पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे। मंच संचालन मंत्री राजेंद्र सरोज ने किया। पहले दिन द्रोपदी चीर हरण का प्रभावी मंचन दिखाया गया।
कभी रूठना ना मुझसे तू सांवरे....
चला. गुहाला की आडी की डूंगरी के श्याम मंदिर में एकादशी पर महंत तिलकदास महाराज के सानिध्य में जागरण कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें प्रसिद्ध भजन मंडलियों ने श्याम बाबा के भजनों की प्रस्तुतियां दी। भक्त अमीचन्द यादव ने बताया कि कलाकारों ने दुनिया में हारा हूं..,कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आनों है.. आदि भजनों की प्रस्तुतियां देकर भक्तों को सुबह तक डाटे रखा।





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