बहरोड़. कस्बा सहित आसपास के क्षेत्र में करोड़ों रुपए की सरकारी भूमि अतिक्रमण की शिकार है। बेशकीमती सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की दिशा में कोई प्रयास नहीं होने से अतिक्रमण का यह अवैध कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है और विशेषकर चुनावी मौसम। प्रशासन व सरकारी मशीनरी की व्यस्तता का फायदा उठाते हुए अतिक्रमणकारी सरकारी जमीन पर और आगे बढ़ कर कब्जा जमा लेते हंै। बहरोड़ कस्बे व हाइवे के आसपास क्षेत्र में सरकारी जमीनें अतिक्रमण के कारण सिमटती जा रही है और उनको मुक्त कराने की जिम्मेदारी वाले अधिकारी उदासीन बने हैं।
पुराना मिट्टी का गढ़
कस्बे के पुराने मिट्टी के गढ़ क्षेत्र में नजूल सम्पत्ति में 9 बीघा जमीन में से लगभग 4 बीघा से अधिक भूमि पर अतिक्रमण कर पक्के मकान बना लिए गए हैं। यहां लोगों ने मिलीभगत कर फर्जी पट्टे तक बनाकर जमीनें बेच दी हंै। अब लोगों ने बची जमीन पर भी कब्जा करना शुरू कर दिया है।
जोहड़ भी सिमटे
कस्बे में चार प्रमुख जोहड़ है जिनमें सेसाड़ा जोहड़ की लगभग छह बीघा जमीन पर कब्जे हो चुके हैं। नैनसुख मोहल्ला, सबलपुरा मोहल्ला, पताशा वाली गली जोहड़ की अधिकांश भूमि पर भी कब्जे हो चुके हैं।
सरकारी अस्पताल को भी नहीं छोड़ा
कस्बे में हाइवे पर पुलिस उप अधीक्षक कार्यालय के सामने दुर्घटना अस्पताल की बेशकीमती जमीन पर पक्के निर्माण कर होटल व ढाबे बना कर जमीन को कब्जा लिया और जिम्मेदारों ने कोई ध्यान नहीं दिया है। अब बची हुई जमीन पर भी अतिक्रमण करते जा रहे है।
पहाड़ के पास बना दिए रिसोर्ट
हाइवे पर दूघेड़ा के पहाड़ के पास करोड़ों रुपए की सरकारी जमीन पर लगभग 13 बीघा से अधिक बेशकीमती सरकारी जमीन पर कब्जा जकरेंगे कार्रवाईमा कर निर्माण कर लिए गए।
सकरारी भूमि पर अतिक्रमणों की जांच कर कार्यवाई के लिए पटवारियों को सर्वे कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए कार्रवाई की जाएगी।
रामावतार कुमावत, उप जिला कलक्टर, बहरोड़





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