उदयपुर. भारत विकास परिषद भामाशाह उदयपुर में देहदान का अभियान चलाएगी, जिससे मेडिकल विद्यार्थियों की शोध सम्बंधित आवश्यकताओं को पूर्ण किया जा सके।
यह घोषणा पेसिफिक मेडिकल कॉलेज सभागार में भाविप विवेकानन्द नीमच के सदस्य अखिलेश पटवारी की मातुश्री जस्सु बाई सेहलोत की देहदान के अवसर पर आयोजित देहदान महादान कार्यक्रम में भामाशाह अध्यक्ष डॉ एम जी वाष्र्णेय ने की। उन्होंंने कहा कि आज देश में 2 लाख लोगों को किडनी की आवश्यकता है, जबकि केवल 8 हजार ही उपलब्ध हैं। इसी प्रकार 50 हजार लीवर की जरूरत के मुकाबले केवल 15 सौ ही उपलब्ध हैं। अत: हम सभी को देहदान, अंगदान, नेत्रदान व रक्तदान को बढ़ावा देने के सतत प्रयास करने चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज प्राचार्य डॉ ए पी गुप्ता ने कहा कि देहदान के बिना मेडिकल छात्रों का अध्ययन-अध्यापन अधूरा है। उन्होंने जनता से अपील की कि जनहित में अधिकाधिक लोगों को देहदान के लिए आगे आना चाहिए। डॉ गुप्ता ने कहा कि ब्रेन डेड व्यक्ति के देहदान से 8 लोगों को अंगदान कर व 35 व्यक्तियों को टिशू दान कर उनकी जान बचाने का पुण्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने अंगदान के लिए सरकारी वेबसाइट पर पंजीकरण कराने की सलाह दी। मुख्य अतिथि यशवंत सोमानी एवं विशिष्ट अतिथि वाइ के बोलिया थे। इस अवसर पर देहदान के पंजीकरण भी किए गए।





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