-निजी बसों को रोजाना कर रहे 30 हजार रुपए भुगतान
-राजस्थान रोडवेज की हड़ताल का व्यापक असर
श्रीगंगानगर. रोडवेज कमज़्चारियों की पिछले 14 दिन से चल रही हड़ताल के कारण मासिक पास पर यात्रा करने वालों के अग्रिम जमा करवाए गए करीब सवा तीन लाख रुपए बेकार चले गए हैं।
श्रीगंगानगर और अनूपगढ़ आगार में ऐसे पासधारकों की संख्या ढाई सौ से रुपए अधिक है। वहीं स्माटज़् काडज़्धारकों की संख्या साढ़े चार हजार पार हो चुकी है। इन दोनों काडोज़्ं के धारकों को दुगना किराया देकर प्राइवेट बसों से सफर करना पड़ रहा है। मासिक पासधारकों में कोङ्क्षचग सेंटरों में पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राएं अधिक हैं। रोडवेज हड़ताल के चलते उन्हें दो से तीन गुना किराया चुकाना पड़ रहा है।
अकेले श्रीगंगानगर में 4108 काडज़्धारक
रियायती या नि:शुल्क योजना के लिए बने करीब साढ़े चार हजार स्माटज़् काडज़्धारकों में अकेले श्रीगंगानगर आगार में 4108 धारक हैं। वहीं अनूपगढ़ आगार में यह संख्या 400 से अधिक है।
रोडवेज में महिला यात्री, दिव्यांग, असाध्य रोग पीडि़त, बुजुगज़्, पूवज़् सैनिक सहित 37 श्रेणियों को रियायती और नि:शुल्क यात्रा की सुविधा मिलती है। इन काडज़्धारकों को लोक परिवहन की बसों में रियायती यात्रा का फायदा नहीं मिल रहा।
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इनकी रोजी-रोटी पर मार
रोडवेज बस संचालित होने के दौरान कई टिकट एजेंट बस में सवार यात्रियों की टिकट बनाते थे। इन्हें प्रति टिकट रोडवेज प्रशासन कमीशन देता है। ऐसे लोगों की रोजी-रोटी अब छिन गई है। श्रीगंगानगर और अनूपगढ़ आगार में ऐसे एजेंटों की संख्या 40 है।
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हड़ताल से नुकसान पर वश नहीं
प्रदेश स्तर पर चल रही हड़ताल के कारण स्माटज़् काडज़् धारकों को नुकसान हो रहा है। इस पर हमारा वश नहीं है। बसों के चक्काजाम के चलते श्रीगंगानगर आगार को भी रोजाना लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है।
-मनोज बसंल, मुख्य प्रबंधक श्रीगंगानगर आगार
रोडवेज कमज़्चारियों की पिछले 14 दिन से चल रही हड़ताल के कारण मासिक पास पर यात्रा करने वालों के अग्रिम जमा करवाए गए करीब सवा तीन लाख रुपए बेकार चले गए हैं।





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