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जीएसएस में ठेका कर्मचारी की संदिग्धावस्था में मौत, हत्या का आरोप, मामला दर्ज

हिण्डौनसिटी. शहर के रीको औद्योगिक क्षेत्र में भारतीय जीवन बीमा कार्यालय के सामने स्थित ३३ केवी जीएसएस में बुधवार को ठेकेदार के अधीन कार्यरत विद्युत कर्मचारी की संदिग्धावस्था में मृत्यु हो गई। करीब तीन बजे एक अन्य कार्मिक जीएसएस पहुंचे तो जीएसएस के बीचोंबीच कर्मचारी मृतावस्था में पड़ा हुआ था। सूचना पर निगम अभियंता मौके पर पहुंचे तथा शव को राजकीय चिकित्सालय की मोर्चरी में पहुंचाया।

परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक शव लेने से इनकार कर दिया। काफी देर तक पुलिस की समझाईश के बाद देर शाम नई मंडी थाना पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया। मामले में पुलिस ने मृतक के दादा रामस्वरूप माली ने हत्या का आरोप लगाते हुए ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।

पुलिस के अनुसार प्रहलाद कुंड के समीप का निवासी हेमराज (30 )पुत्र रामप्रसाद माली विद्युत विभाग के ठेकेदार मुरारीलाल शर्मा के अधीन काम करता था। सुबह आठ बजे वह घर से ड्यूटी पर गया था। जहां संदिग्ध हालत उसकी मृत्यु हो गई। निगम अभियंता व ठेकेदार ने शव को चिकित्सालय पहुंचाया। जहां परिजनों की मांग पर मेडिकल बोर्ड की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया।

15 दिन पहले हुई थी पुत्र की मौत-
मृतक के पिता रामप्रसाद ने बताया कि करीब एक माह पहले हेमराज की पत्नी रामसखी ने पुत्र को जन्म दिया था। दो वर्षीय पुत्री शिवानी के बाद पुत्र रत्न की प्राप्ति होने से परिवार में खुशियों का माहौल था, लेकिन नवजात बालक की अचानक मृत्यु हो गई। १५ दिन पहले हुई बालक की मौत के गम सेे वे उबर भी नहीं पाऐ कि अब हेमराज की मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया।

ठेकेदार ने कहा काम पर आओगे तो मिलेगी पगार-
मृतक के पिता ने बिलखते हुए बताया कि प्रसव के दौरान हेमराज कुछ दिन काम पर नहीं जा सका। इसके बाद उसके नवजात बेटे की मृत्यु हो गई। चार दिन पहले उसने ठेकेदार से बकाया चल रही तनख्वाह मांगी थी, उस दौरान दोनों के बीच कहासनी भी हुई थी। तब ठेकेदार ने काम पर आने के बाद ही पगार देने की बात कही थी। परिजनों के अनुसार ठेकेदार के बुलाने पर ही आज सुबह हेमराज काम पर गया था।

अप्रशिक्षितों के भरोसे जीएसएस-
गंभीर बात यह है कि निगम द्वारा ठेकेदार को प्रहलाद कुंड जीएसएस, नवीन रीको जीएसएस व पुरानी रीको जीएसएस पर ऑपरेशन (विद्युत आपूर्ति) और मेंटीनेन्स का ठेका दिया गया है। लेकिन ठेकेदार की ओर से प्रत्येक जीएसएस पर एक-एक कर्मचारी लगाया गया है। इनमें से अधिकांश कर्मचारी प्रशिक्षित यानि आईटीआई प्रमाण-पत्र धारी नहीं है। परिजनों के मुताबिक हेमराज भी अप्रशिक्षित ही था। ऐसे में अगर ड्यूटी पर कार्यरत एकमात्र कर्मचारी के साथ कोई दुघर्टना हो जाए तो उनकी सुरक्षा रामभरोसे है।


शव को छोडक़र चले गए अभियंता व ठेकेदार
प्राथमिकी में आरोप लगाया कि निगम के अधिशासी अभियंता रूपसिंह गुर्जर, सहायक अभियंता महेन्द्र कामवार, कनिष्ठ अभियंता गोपाललाल सैनी व ठेकेदार मुरारीलाल शर्मा शव को जीएसएस से राजकीय चिकित्सालय लेकर पहुंचे। लेकिन एमओटी में शव को छोडक़र रफूचक्कर हो गए।

पुलिस को सूचना देने गए थे थाने
अचेतावस्था में कर्मचारी को चिकित्सालय पहुंचाया। जहां मृत घोषित किए जाने के बाद पुलिस को तहरीर देने के लिए नई मंडी थाने गए थे। शव को छोडक़र जाने के आरोप बेबुनियाद है। जीएसएस ठेकेदार द्वारा अप्रशिक्षित कर्मचारियों से काम कराने के मामले की जांच कराई जाएगी।

- महेन्द्र कामवार, सहायक अभियंता (शहरी) जयपुर विद्युत वितरण निगम हिण्डौनसिटी।



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