मलसीसर. उपखण्ड मुख्यालय पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर दांतों के इलाज से सम्बन्धित उपकरण नहीं होने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में मरीजों को इलाज के लिए दूसरे स्थानों पर भटकना पड़ता है।
दंत चिकित्सक के अनुसार अस्पताल में रोजाना करीब दस से बारह मरीज दांतों से सम्बन्धित बीमारियों के इलाज के लिए आते है। लेकिन सुविधाओं के अभाव में उनका इलाज नहीं हो रहा है। जबकि सीएचसी पर करीब छह साल पहले ही दंत चिकित्सक की नियुक्ति कर दी थी।
परन्तु छह साल बीतने के बाद अभी तक डेंटल चेयर व अन्य सहायक उपकरण सीएचसी पर उपलब्ध नहीं होने के कारण चिकित्सक मरीजों का पूरा इलाज नहीं कर पा रहे हैं। अस्पताल में दांतों के इलाज से सम्बन्धित उपकरण नहीं होने से मरीज दांत निकालने, मसूड़ो में मसाला भराने व सफाई आदि काम नहीं होने से मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार कस्बे के अस्पताल में दंत चिकित्सक की नियुक्ति होने के बावजूद सरकार सुविधाओं का विस्तार नहीं कर रही है ऐसे में दांतों से सम्बन्धित बीमारियों का ईलाज के लिए निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है।
जिससे लोगों को ज्यादा खर्चा वहन करना पड़ता है। उपखण्ड क्षेत्र में फ्लोराइड युक्त पानी होने के कारण दंत रोग से सम्बन्धित रोगियों में दिन प्रतिदिन काफी इजाफा हो रहा है। फ्लोराइड युक्त पानी पीने से लोगों के दांतों में पीलापन रहता है जिससे मुंह की कई बीमारियां बढ़ जाती है।
दानदाताओं से उम्मीद
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में दंत चिकित्सा के उपकरण नहीं होने से रोगियों का ईलाज नहीं हो पाता है ऐसे में क्षेत्र में कोई दानदाता अगर सीएचसी में डेंटल चेयर सहित अन्य उपकरण उपलब्ध करवा दें तो दंत रोगियों का इलाज सम्भव है। सीएचसी पर डेंटल उपकरण होगेें तो मरीजों को इलाज के अन्यत्र नहीं जाना पडेगा जिससे लोगों को काफी मदद मिलेगी।





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