प्रतापगढ़. प्रतापगढ़ जिला कारागृह के बंदी अब इग्नू के माध्यम से उच्च शिक्षा ग्रहण करेंगे। जिला कारागृह में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय का विशेष अध्ययन केंद्र खोला गया है। जिला स्तरीय जले में इग्नू का ये पहला अध्ययन केन्द्र है। इस केन्द्र में इस सत्र में अब तक ५७ बंदी प्रवेश ले चुके हैं।
जोधपुर क्षेत्रीय केंद्र के अंतर्गत केंद्रीय कारागृह जोधपुर, बीकानेर तथा उदयपुर के अलावा जिला कारागृह प्रतापगढ़ पहला कारागृह है। इसके केन्द्र को ८ ८ ०२२ डी कोड आवंटित किया गया है। फिलहाल यहां पर दो पाठ्यक्रम बीपीपी(बैचलर प्रिपरेटरी प्रोग्राम) तथा बीए(बैचलर ऑफ आट्र्स) शुरू किए गए हैं। जुलाई सत्र से प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अभी तक ५७ बंदी बीपीपी में प्रवेश ले चुके हैं।
एक महिला और वृद्ध ने भी लिया प्रवेश
यहां जेल में खोले गए इग्नू केन्द्र में पढ़ाई को लेकर बंदियों में विशेष रुचि देखी गईहै। इसमें से एक महिला बंदी और एक वृद्ध ७५ वर्षीय बंदी ने भी प्रवेश लिया है। इग्नू के जेल के केन्द्र से पहला प्रवेश विचाराधीन महिला बंदी दुर्गा ने लिया है। दुर्गा दसवीं अनुत्तीर्ण महिला है। वहीं ७५ वर्षीय मुरली ने भी इसमें प्रवेश लिया है। जो आठवीं पास है।
इनमें लिया प्रवेश
स्नातक उपाधि प्रारंभिक कार्यक्रम बीपीपी ६ माह की अवधि का एक ऐसा अनौपचारिक माध्यम है। जिसे पूर्ण करने के बाद १०वीं या १२वीं अनुत्तीर्ण विद्यार्थी इग्नू के स्नातक उपाधि कार्यक्रम में प्रवेश कर सकता है। इन ५७ बंदियों में से जो बीपीपी की परीक्षा पास करेगा, उन्हें दिसंबर सत्र से बीए में प्रवेश दिया जाएगा।
जेल से छूटने के बाद भी जारी रहेगी पढ़ाई
जिला कारागृह में विचाराधीन प्रकृति के बंदी रहते हैं। जिनमें से अधिकांश बंदी अल्प अवधि में रिहा हो जाते हैं। बड़े अपराध के बंदी ही लंबे समय तक जेल में रहते हैं। इग्नू के पाठ्यक्रम में उन्हीं बंदियों को प्रवेश दिया जा रहा है, जो कम से कम साल भर कारागृह में रह सकते हैं। इसके बाद भी वे बाहर अपनी पढ़ाई पूरी सकते हैं। यदि दुर्भाग्य से बंदी को सजा हो जाती है तो उसे केंद्रीय कारागृह में अपनी पढ़ाई जारी रखने के अवसर मिलेंगे। इसी प्रकार जमानत प्राप्त करने वाले बंदी भी जेल से रिहा होकर बाहर अपनी पढ़ाई पूरी कर सकते हैं।
जोधपुर क्षेत्रीय केंद्र की पहली जिला कारागृह
राजस्थान में इग्नू के दो क्षेत्रीय केंद्र है जयपुर एवं जोधपुर। जोधपुर क्षेत्र में १३ जिले आते हैं। वर्तमान में केवल केंद्रीय कारागृह उदयपुर, बीकानेर तथा जोधपुर ही इग्नू के विशेष अध्ययन केंद्र हैं। जिला कारागृह प्रतापगढ़ पहली कारागृह है, जहां इग्नू का विशेष अध्ययन केंद्र खुला है। जिसमें जेल प्रभारी पारस जांगिड़ को समन्वयक बनाया गया है। गौरतलब है कि जेलर जांगिड़ पूर्व में केंद्रीय कारागृह बीकानेर के विशेष अध्ययन केंद्र के समन्वयक के रूप में २ वर्ष तक सेवाएं दे चुके हैं । इस दौरान जांगिड़ ने सैकड़ों बंदियों को उच्च शिक्षा से जोड़ा था।
परीक्षा केंद्र भी जेल के अंदर होगा
बंदियों के लिए इग्नू ने परीक्षा केंद्र भी जिला कारागृह के अंदर बनाया है। वर्ष में दो बार जुलाई एवं दिसंबर में सत्रांत परीक्षा का आयोजन होगा। जेल में इग्नू का विशेष अध्ययन केंद्र खुलने से उन बंदियों को विशेष लाभ मिलेगा जो जेल में रहकर अध्ययन करना चाहते हैं।
मुख्तियार अली
सहायक क्षेत्रीय निदेशक
इग्नू, जोधपुर
खोला है केन्द्र, जल्द मिलेगी किताबें
जेल में इग्नू के केंद्र से बंदियों को उच्च शिक्षा से जोड़ा जा रहा है। इससे कारागृह का वातावरण अधिक सकारात्मक होगा तथा बंदियों में अपराधवृत्ति में कमी आएगी। इग्नू द्वारा जेल के बंदियों को मुक्त शिक्षा प्रदान की जाती है। जिला कारागृह के बंदी को भी नि: शुल्क प्रवेश दिया गया है। जल्द ही इन्हें चुने गए कोर्स की पुस्तकें निशुल्क प्राप्त होगी। इग्नू बंदियों को प्रति माह स्टेशनरी भी उपलब्ध करवाएगा।
पारस जांगिड़, उप अधीक्षक
जिला कारागृह प्रतापगढ़





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