प्रमोद भटनागर
पीपली आचार्यान. भाटोली बनास पुलिया पर निर्माणाधीन सीसी सडक़ कार्य में घटिया सामग्री की शिकायत करना क्षेत्रवासियों के लिए मुसीबत का कारण बन गया है। क्योंकि शिकायत के करीब एक पखवाड़े बाद भी इस मामले में इस कदर ढिलाई बरती जा रही है कि कार्रवाई तो दूर शिकायत की जांच तक करवाना किसी ने जरूरी नहीं समझा। वहीं, काम भी बंद पड़ा है।
राज्यावास सरपंच बाबूलाल खारोल ने बताया कि भाटोली बनास पुलिया पर निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद मरम्मत एवं सीसी सडक़ निर्माण कार्य शुरू हुआ था। इस बीच गत 25 सितम्बर कुछ ग्रामीणों ने कार्य स्थल पहुंचकर वहां उपयोग में ली जा रही निर्माण सामग्री के घटिया स्तर की होने के आरोप लगाते हुए विभाग में शिकायत की थी। इसके बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियन्ता एनएल कोहली ने कार्य स्थल पर पहुंचकर तत्काल कार्य रुकवा दिया। उसके बाद से अब तक काम वापस शुरू नहीं किया गया। यही नहीं विभाग की लापरवाही सिर्फ यहीं नहीं थमी, बल्कि घटिया सामग्री को लेकर अब तक न तो जांच की गई और न ही ऐसा करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई।
इधर, निर्माण कार्य अटक जाने से कंक्रीट, रेती एवं अन्य निर्माण सामग्री बीच रास्ते में ज्यों की त्यों पड़ी हुई है, जो आवाजाही में मुश्किलें पैदा कर रही है। इन सबको लेकर दर्जनों गांवों के क्षेत्रवासी काफी परेशान हंै। इसको लेकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
तो क्या शिकायत नहीं करें
क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें इस बात का मलाल है कि निर्माण कार्य गुणवत्ता से कराने के मकसद से उन्होंने कार्य में बरती जा रही अनियमितता की शिकायत की, लेकिन घटिया कार्य करने वाला का कुछ नहीं बिगड़ा। लेकिन, काम फिर शुरू नहीं होने से उन्हें आवागमन में जरूर परेशानी हो रही है।
शीघ्र शुरू करवाएंगे काम
निर्माण में घटिया सामग्री की शिकायत पर तुरन्त काम रुकवाकर ठेकेदार को नोटिस दे दिया था। लेकिन, ठेकेदार ने नोटिस का जवाब नहीं इिया है। शीघ्र ही उचित कार्रवाई करने के साथ ही कार्य पुन: शुरू कराया जाएगा।
एनएल कोहली, सहायक अभियन्ता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, राजसमंद
एक साल से टूटी कुएं की मुंडेर
रिछेड़. कस्बे से पड़ासली संपर्क सडक़ के किनारे स्थित कुएं की मुंडेर गत वर्ष (2017) बारिश के दौरान टूट गई थी। लेकिन, एक वर्ष से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी कुएं की मुंडेर का निर्माण वापस नहीं करवाया गया है। ऐसे में इस मार्ग पर हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। सडक़ किनारे कुआं होने की जानकारी काफी नजदीक आने के बाद लगती है, ऐसे में इसमें राहगीरों के साथ ही वाहनों के गिरने का खतरा भी बना रहता है। वहीं, रात के समय यहां खतरा ज्यादा रहता है और अंधेरे के दौरान दुपहिया वाहनों के गिरने की आशंका रहती है। ग्रामीणों ने कुएं की मुंडेर का निर्माण जल्द से जल्द करवाने की मांग की है।





No comments:
Post a Comment