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संभल जाइए, अगर है लम्बे समय तक बुखार तो ‘जीका’ की आशंका..

भुवनेश पंड्या/ उदयपुर. जयपुर में गत दिनों जीका वायरस के प्रकोप के बाद पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के आदेश जारी किए गए थे। ऐसे में हर जिले में सतर्कता पूर्वक जांच की जा रही है। उदयपुर जिले में जिन मरीजों में जीका वायरस की जांच की गई, वे ऐसे मरीज थे जिन्हें कई दिनों तक बुखार की शिकायत थी। इसमें स्वाइन फ्लू, टायफाइड, स्क्रब टायफस व मलेरिया के मरीज शामिल हैं। हालांकि इनमें से एक भी मरीज में अब तक जीका सामने नहीं आया। आरएनटी में जिन 150 मरीजों की जांच की गई, वे सभी उपचार के बाद दो सप्ताह से अधिक समय तक बुखार से पीडि़त थे।

एक ही मशीन से स्वाइन फ्लू व जीका की जांच

पॉलिमरेज चेन रिएक्शन (पीसीआर) आरटी मशीन से स्वाइन फ्लू सहित जीका की जांच होती है। सरकारी चिकित्सालयों में यह मशीन संभाग में एकमात्र आरएनटी मेडिकल कॉलेज में लगी हुई है।

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जीका वायरस की जांच एक माह पहले तक केवल जयपुर में होती थी, लेकिन सितम्बर से इसे आरएनटी में शुरू कर दी गई। हालांकि अभी तक पूरे संभाग में एक भी मामला जीका वायरस का सामने नहीं आया, माजवड़ा से एक साथ भर्ती हुए 13 मरीजों में से कुछ मरीजों के लगातार बुखार के कारण संशय जरूर था, लेकिन उनमें से भी किसी में जीका सामने नहीं आया।


लम्बे समय तक जिन्हें बुखार आ रहा था, उसमें जीका की जांच की गई थी। क्योंकि बीमारी सामने आने के बाद उनका उपचार शुरू हो गया, फिर भी बुखार ठीक नहीं हो रहा था।

डॉ रमेश जोशी, उप अधीक्षक महाराणा भूपाल चिकित्सालय उदयपुर



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