चित्तौडग़ढ़. राज्य में कुछ विधानसभा क्षेत्र दो-दो जिलों में बंटे हुए है, वहीं चित्तौडग़ढ़ जिले की भदेसर पंचायत समिति राजनीति का त्रिकोण बन गई है। भदेसर पंचायत समिति किस विधानसभा क्षेत्र में शामिल है ये सवाल पूछा जाए तो जवाब सहज नहीं होंगा। ये जिले की एक मात्र ऐसी पंचायत समिति है जो तीन-तीन विधानसभा क्षेत्रों में बंटी हुई है। यहां चित्तौडग़ढ़, बड़ीसादड़ी एवं कपासन तीनों विधानसभा क्षेत्र लगते है। ऐसे में यहां का विकास भी प्रभावित हो रहा है। भदेसर पंचायत समिति में २५ ग्राम पंचायतें शामिल है। इनमें से सर्वाधिक १२ पंचायते कपासन विधानसभा क्षेत्र में शामिल है। जिनमें मेवाड़ के कृष्णधाम सांवलियाजी स्थित मण्डफिया पंचायत भी शामिल है। सबसे कम ६ ग्राम पंचायत चित्तौडग़ढ़ विधानसभा क्षेत्र में शामिल है। हॉलाकि भदेसर पंचायत समिति मुख्यालय क्षेत्र इसी विधानसभा में आता है। बड़ीसादड़ी विधानसभा क्षेत्र में भदेसर पंचायत समिति की सात ग्राम पंचायत शामिल है। खास बात ये भी है कि बड़ीसादड़ी विधानसभा क्षेत्र में प्रतापगढ़ जिले की कुछ ग्राम पंचायते भी शामिल होती है।
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क्या हो रहा असर
भदेसर पंचायत समिति क्षेत्र के तीन विधानसभा क्षेत्रों में विभक्त होने का असर विकास पर भी पड़ रहा है। क्षेत्र का एक ही विधायक नहीं होने से विकास की समग्र योजना बनाने पर भी असर आता है। पंचायत समिति क्षेत्र के विधायक के नाते तीनों विधायक उसे काम में दखल दे सकते है। हॉलाकि विधायक अपने-अपने ग्राम पंचायत क्षेत्र की बात कर सकते है लेकिन फिर भी समन्वय करने की परेशानी होती है। पिछले दो विधानसभा चुनाव से तीनों विधायक एक ही राजनीतिक दल के जीतने से अवश्य मतभेदों वाली स्थिति कुछ कम हुई है। एक ही पंचायत समिति तीन-तीन विधानसभा क्षेत्र में होने से भदेसर पंचायत समिति की बैठक के समय तीनों विधायकों को आमंत्रित करना होता है। कई बार मतभेद उभरने पर विकास कार्य भी प्रभावित होते है।





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