Breaking News
recent

राजस्थान का रण: जनता का दिल जीतना तो दूर तीन चौथाई से ज्यादा उम्मीदवारों की जमानत जब्त

जयपुर। चुनाव में एक ओर जहां बढ़ी हुई उम्मीदवारों की संख्या यह सुखद अहसास कराती है कि लोगों का लोकतंत्र के महोत्सव में शरीक होने की ओर रुझान बढ़ रहा है, वहीं इसका दूसरा पहलू चिंता की लकीरें भी खींचता है। दरअसल, पिछले चार चुनावों का विश्लेषण करें तो पाएंगे कि 1998 से लेकर 2013 के चुनाव तक जिस तेजी से उम्मीदवारों की तादाद बढ़ी है, उससे भी ज्यादा तेजी से जमानत भी नहीं बचा पाने वालों के ग्राफ में इजाफा हुआ है। यानी ये उम्मीदवार मतदाताओं का दिल जीतना तो दूर अपनी जमानत राशि भी नहीं बचा पाए।

वर्ष 1998 की बात करें तो चुनावी मैदान में कुल 1,436 उम्मीदवार मैदान में उतरे और उनमें से 982 की जमानत जब्त हो गई। यानी 68 फीसदी उम्मीदवार जमानत राशि बचाने में नाकाम रहे। विधानसभा चुनाव-2003, में यह आंकड़ा बढ़कर 70 फीसदी हो गया, 1081 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई। इस चुनाव में पहले के मुकाबले ज्यादा उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। कुल 1541 उम्मीदवार राजस्थान के चुनावी रण में उतरे।

पहली बार 2008 में तीन-चौथाई से ज्यादा की जमानत जब्त
पिछले चार चुनावों में 2008 में पहला मौका आया जब कुल उम्मीदवारों में से 78 फीसदी उम्मीदवार अपनी जमानत राशि नहीं बचा पाए। इस चुनाव में 2,194 उम्मीदवार चुनावी रण में उतरे और 1,731 ने अपनी जमानत राशि खोई। 2013 में कुल 1,641 यानी 78 फीसदी उम्मीदवार अपनी जमानत राशि नहीं बचा पाए। 2013 में कुल 2,096 उम्मीदवारों ने ताल ठोकी।

चुनाव आयोग की सबसे ज्यादा कमाई 2008 में
चार चुनावों में जब्त हुई राशि के आकलन में पाया कि चुनाव आयोग को कुल 4 करोड़ 84 लाख 90 हजार रुपए मिले। सबसे ज्यादा कमाई 2008 के चुनाव में हुई। जब्ती से हुई कमाई में से 4 करोड़ 26 लाख 30 हजार रुपए सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों से वहीं शेष 58 लाख 60 हजार रु. एससी-एसटी वर्ग से मिले।जमानत जब्ती वाले सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की तादाद कुल 4263 रही, वहीं अजा-अजजा वर्ग के 1172 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई।

वोट काटना लक्ष्य तो कहीं विजन पर हावी वजन!
चुनावी विश्लेषक मानते हैं कि संख्या बढऩा अच्छा संकेत है लेकिन जमानत खोने वालों में इजाफा भी चुनावी गंभीरता पर सवाल खड़े करता है। जिनके पास विजऩ है पर वजन नहीं, ऐसे उम्मीदवार चुनाव में ज्यादा सफल नहीं हो पाते।

चुनावी गंभीरता पर सवाल उठाते आंकड़े
1998 में 68 फीसदी की जमानत जब्त हुई
2013 में 78 फीसदी जमानत नहीं बचा पाए

तीन चौथाई की जमानत जब्त
वर्ष----- उम्मीदवार-----जमानत-----जब्त %
1998-----1436-----982-----68
2003-----1541-----1081-----70
2008-----2194-----1731-----78
2013-----2096-----1641-----78

जमानत राशि
10,000 सामान्य वर्ग
5,000 अजा, अजजा वर्ग

 



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.