नई दिल्ली। हर एक खिलाड़ी के जीवन में एक दौर वो भी आता है, जब उसे अपने रिटायरमेंट का ऐलान करना पड़ता है। यह समय उस खिलाड़ी के लिए सबसे ज्यादा तकलीफदेह होती है। सालों तक आप जिस खेल को खेलकर पूरी दुनिया में अपना नाम कमाते हैं, उसे छोड़ना आसान नहीं होता। लेकिन परिवर्तन प्रकृति का शाश्वत नियम है। लिहाजा इस सत्य से हर किसी को आज नहीं तो कल सामना करना ही पड़ता है। भले ही संन्यास का फैसला भारी मन से लेना पड़े, लेकिन बढ़ती उम्र पर किसका जोर चलता है।
किसी क्रिकेटर का सबसे कठिन फैसला-
किसी भी क्रिकेटर के लिए संन्यास का फैसला लेना सबसे कठिन माना जाता है। लेकिन इसके बाद भी ये वो रिवाज है, जिसे हर किसी को पूरा करना ही होता है। इस रिवाज को आगे बढ़ाते हुए शुक्रवार के दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज नील ओ ब्रायन ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। 36 वर्षीय नील ने 2002 में डेनमार्क के खिलाफ वनडे में अपना डेब्यू किया था। अपने 16 साल लंबे क्रिकेट करियर के बाद आज उन्होंने संन्यास का ऐलान कर दिया। वो आयरलैंड के सबसे सफल विकेटकीपर रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मैचों में अब तक कुल 241 शिकार किए हैं।
After a 16 year international career, Ireland's most successful wicketkeeper, @niallnobiobrien, has announced his retirement from international and first-class cricket.
— ICC (@ICC) October 12, 2018
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नील ओ ब्रायन का करियर ग्रॉफ-
नील ने आयरलैंड के लिए एक टेस्ट, 103 वनडे और 30 टी-20 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले। इन मुकाबलों में उन्होंने क्रमश: 18, 2581 और 466 रन बनाए हैं। वनडे में उनके नाम एक शतक और 18 अर्धशतक दर्ज हैं। नील क्रिकेट के उस खास परिवार से ताल्लुक रखते है, जिसमें एक साथ कई खिलाड़ी हैं। बताते चले कि नील के पिता, भाई केविन और बहन भी आयरलैंड की ओर इंटरनेशनल क्रिकेट खेलते रहे हैं।
अपने संन्यास का ऐलान करते हुए बोले नील-
अपने रिटायरमेंट का ऐलान करते हुए नील ने कहा कि यह कहते हुए बहुत दुख हो रहा है कि मैं अंतरराष्ट्रीय और पेशेवर क्रिकेट से संन्यास ले रहा हूं। मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे 16 साल तक अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। मैंने हमेशा चेहरे पर खुशी लेकर खेलने की कोशिश की। मैं उन तमाम लोगों का शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने मैदान में मेरा समर्थन किया।





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