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अजमेर के तिहरे हत्याकांड के चार अभियुक्तों को फांसी की सजा, जानें क्या था पूरा मामला

अजमेर। अजमेर के क्रिश्चियनगंज इलाके में सात वर्ष पुराने तिहरे हत्याकांड के मामले में गुरुवार चार अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाई गई है। अजमेर के न्यायिक इतिहास व प्रदेश में संभवत: यह पहला मौका है जब हत्या के मामले में एक साथ चार अभियुक्तों को फांसी सजा सुनाई। अजमेर की एससी/एसटी न्यायालय की विशिष्ट न्यायाधीश बृजमाधुरी शर्मा ने यह फैसला सुनाया।

अपने 108 पृष्ठीय विस्तृत फैसले में अदालत ने अभियुक्तों पर 90-90 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया। अदालत ने अभियुक्तों को तब तक फांसी पर लटकाए रखने के आदेश दिए जब तक उनकी मौत न हो जाए। अदालत ने प्रकरण को दुर्लभ से दुर्लभतम माना है।

इन अभियुक्तों को सुनाई फांसी की सजा
1- मीरा स्कूल के पास हिम्मत नगर निवासी डायमंड डिसिल्वा उर्फ सन्नी पुत्र विल्सन साइमन उम्र 21 वर्ष

2- जेएलएन पीजी क्वार्टर निवासी रूबीन साइमन न्यूटन उर्फ बॉनी पुत्र साइमन न्यूटन उम्र 24 वर्ष

3- क्रिश्चियनगंज निवासी मल्लाकी जोंस पुत्र मोरवीन जोंस 24 वर्ष

4- इंदिरा कॉलोनी, मीरशाहअली निवासी महेश लोट पुत्र ताराचंद 21 वर्ष

ये है मामला
क्रिश्चियनगंज थाना में मेरी रोज पत्नी जॉर्ज एस्टिन ने 22 नवम्बर 2011 को दी रिपोर्ट में बताया कि वह अपने घर में थी तब पड़ोस की बच्ची ने आकर बताया कि नीरू भाभी के मकान में से बदबू आ रही है। जब वह भाभी के घर गई तो मैन गेट पर कुंदी और हॉल के दरवाजे पर ताला लगा था।

हॉल से बदबूदार पानी दरवाजे के नीचे से बाहर आ रहा था। तब उसने पादरी जोस पोलस को बुला कर थाने में फोन कराया। पुलिस ने आकर ताला तोड़ा तो अंदर देखा कि नीरू की लाश पड़ी थी। पैर प्लास्टिक की पट्टी से बंधे थे।

पास के हॉल में भतीजे प्रमोद की लाश पड़ी थी। दोनों लाशों में कीड़े लग गए और बदबू आ रही थी। बड़ा भतीजे निमोद घर में नहीं था उसका कोई अता पता भी नहीं था। पुलिस अनुसंधान के दौरान निमोद की लाश कब्रिस्तान के पास कुएं में मिलीं।

14 लाख रुपए का लालच ले डूबा
अभियुक्तों ने पुछताछ में बताया कि 14 लाख रुपए के लालच में मां-बेटे की गला घोंट कर एवं दूसरे बेटे को लोहे की जंजीर से बांध कर कुएं में पटकर हत्या की।



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