पंजाब के शिक्षा और पर्यावरण मंत्री ओ पी सोनी ने वेतन को लेकर पटियाला में धरने पर बैठे अध्यापक नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि वह धरने छोड़कर बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दें अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सोनी ने सोमवार को कहा कि अध्यापक धरनों पर बैठ कर बच्चों की पढ़ाई खराब न करें। उन्होंने आगे कहा कि सभी यूनियन नेता तुरंत अपने स्कूलों में लौट जाएं, अन्यथा कानूनी कार्यवाही के लिए तैयार रहें।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की निधि से चल रही सोसायटियों में तैनात अध्यापकों को नियमित करने के लिए यूनियन नेताओं के साथ तीन बैठकों के पश्चात ही फैसला लिया गया है, लेकिन यह नेता अब अपने निजी स्वार्थ के लिए अध्यापकों को गुमराह कर रहे हैं। सोनी ने आगे बताया कि इससे पहले की गई अध्यापकों की भरती में इन सोसाइटियों के आठ सौ अध्यापक परीक्षा देकर नियमित हुए हैं और उनको भी प्राथमिक वेतन दिया जा रहा है, लेकिन इन अध्यापकों को उनकी अपेक्षा भी पांच हजार रुपए अधिक वेतन देने का ऐतिहासिक फै सला पंजाब सरकार ने लिया है।
उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार शिक्षा प्रोवाइडर को नियमित करने के लिए भी गंभीरता से विचार कर रही है और निकट भविष्य में सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत स्कूलों में लंबे समय से काम कर रहे अध्यापकों को भी नियमित कर दिया जाएगा।





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