जयपुर। कांग्रेस का लोकसंपर्क और आर्थिक सहयोग अभियान (Lok Sampark Abhiyan) मंगलवार दो अक्टूबर को Gandhi Jayanti से शुरू होगा। अभियान की मुख्य शुरुआत दोपहर 12.15 बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से की जाएगी। अभियान के लिए कार्यकर्ता बूथवार प्रत्येक घर में जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे। इसमें कांग्रेस के लिए आर्थिक सहयोग भी लिया जाएगा। आर्थिक सहयोग एक रुपए से लेकर सहयोगकर्ता की इच्छा तक रखा गया है। कम राशि के लिए डिब्बे तैयार करवाए गए हैं। शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष Pratap Singh Khachariyawas ने कहा कि जयपुर शहर के सभी 91 वार्डों में तैयारियां कर ली गई हैं।
Sachin Pilot सांगोद से करेंगे आगाज
अभियान के शुरू होने से पहले प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रार्थना सभाओं के जरिए कांग्रेसी गांधी को याद करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट अभियान की शुरुआत कोटा जिले के सांगोद स्थित महाराव भीमसिंह स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में करेंगे।
भाजपा में गए, दूसरे दिन कांग्रेस में दिखे
सिविल लाइंस क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भाजपा में शामिल किए जाने के कैबिनेट मंत्री अरुण चतुर्वेदी की घोषणा को सोमवार को कांग्रेस ने झूठ बताया। शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह खाचरियावास ने ऐसे कुछ कार्यकर्ताओं को मीडिया के सामने खड़ा किया, जो एक दिन पहले भाजपा में शामिल बताए गए थे। उधर चतुर्वेदी ने बताया कि कार्यकर्ता खुद उनके पास आए थे।
आर्थिक आपातकाल के हालात : पायलट
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर कहा कि यह आर्थिक आपातकाल है। भाजपा सरकार महंगाई बढ़ाकर जनता का शोषण कर रही है। पायलट ने कहा कि भाजपा सरकार की नीति से आमजनता पर अप्रत्याशित महंगाई का भार पड़ रहा है।
जनता तक पहुंचे ज्यादा से ज्यादा सरकारी सूचनाएं
देशभर के सूचना आयोगों ने सूचना का अधिकार अधिनियम में पारदर्शिता व लोकहित को प्राथमिकता देने के लिए ज्यादा से ज्यादा सूचनाओं को सार्वजनिक करने की जरूरत बताई है। यह संकल्प जयपुर में सूचना आयोगों के संगठन नेशनल फेडरेशन ऑफ इनफोर्मेशन कमीशन इन इंडिया (एनएफआइसीआइ) की दो दिवसीय कार्यशाला में लिया गया। राजस्थान राज्य सूचना आयोग के संयोजन में कार्यशाला की अध्यक्षता केन्द्रीय सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त आरके माथुर ने की। इसमें देशभर के 16 राज्यों से 15 मुख्य सूचना आयुक्तों और 5 सूचना आयुक्तों ने भाग लिया। कार्यशाला में कहा गया कि राज्य सरकारों की ओर से ऐसे समर्पित लोक सूचना अधिकारी नियुक्त किए जाएं जो अधिनियम की धारा 4 के प्रावधानों के क्रियान्विति सुनिश्चित कर सकें। प्रत्येक लोक प्राधिकारी के लिए सालाना ऑडिट हो और रिपोर्ट वेबसाइट पर अपलोड की जाए।





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