निलेश कांठेड़. चित्तौडग़ढ़. कोई लगातार तीन बार तो कोई लगातार चार से बार से भी चुनाव जीत रहा है लेकिन राजस्थान में चित्तौडग़ढ़ विधानसभा क्षेत्र ऐसा क्षेत्र है जहां से पिछले १४ चुनाव में अब तक कोई लगातार दो बार चुनाव नहीं जीत पाया है। तीन नेता ऐसे है जो चित्तौडग़ढ़ विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक निर्वाचित हो चुके है लेकिन कोई भी लगातार चुनाव जीत नहीं पाया। फिलहाल यहां से भाजपा के चन्द्रभान सिंह आक्या विधायक है। आक्या फिर से टिकट पाने के लिए दावेदारी जता रहे है। यदि वे टिकट हासिल कर जीत पाने में सफल होते है तो यहां से किसी के लगातार दो बार विधायक निर्वाचित नहीं होने का रिकॉर्ड टूट जाएगा। आक्या को टिकट नहीं मिलता या हार मिलती है तो किसी के लगातार दो बार चुनाव नहीं जीतने का रिकॉर्ड बना रहेगा। चित्तौडग़ढ़ विधानसभा क्षेत्र से सर्वप्रथम १९५२ के चुनाव में भारतीय जनसंघ के प्रतापसिंह विधायक का चुनाव जीते थे। वर्ष १९७७ के चुनाव में डूंगरपुर राजपरिवार के लक्ष्मणसिंह यहां विधायक निर्वाचित हुए जो बाद में १९८५ में फिर यहां से विधायक चुने गए। इसके बाद भाजपा के नरपतसिंह राजवी वर्ष १९९३ में विधायक चुनाव जीतने के बाद १९९८ में हार गए लेकिन वर्ष २००३ के चुनाव में फिर यहां से विधायक चुन लिए गए। कांग्रेस के सुरेन्द्रसिंह जाड़ावत भी यहां से कुल चार बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके है जिनमें से वर्ष १९९८ एवं २००८ में जीत हासिल हुई तो वर्ष २००३ एवं २०१३ में हार का सामना करना पड़ा।
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चित्तौड़ से जीतने वाले दल का राजस्थान में राज
चित्तौडग़ढ़ विधानसभा क्षेत्र के बारे में राजनीतिक क्षेत्र में धारणा है कि यहां मतदाता किसी नेता पर पांच साल से अधिक भरोसा नहीं करते है एवं चुनाव में नए प्रत्याशी को जीताने में विश्वास रखते है। पिछले करीब चार दशक से अधिक समय से यहां से जिस पार्टी का विधायक चुना जा रहा है प्रदेश में शासन भी वो ही दल करता आ रहा है। वर्ष १९७७ में जनता पार्टी के लक्ष्मणसिंह से लेकर वर्ष २०१३ तक नौ बार विधानसभा चुनाव हो चुके है एवं हर बार ये मिथक कायम रहा है कि चित्तौड़ से जीतने वाले दल की ही राजस्थान में सरकार बनेगी।
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अब तक कौन रहा चित्तौडग़ढ़ से विधायक
चुनाव वर्र्ष निर्वाचित विधाायक पार्टी
१९५२ प्रतापसिंह भारतीय जनसंघ
१९५७ लालसिंह कांग्रेस
१९६२ चर्तुभुज उपाध्याय कांग्रेस
१९६७ रामकुमार नंदवाना कांग्रेस
१९७२ निर्मला कुमारी कांग्रेस
१९७७ लक्ष्मणसिंह जनता पार्टी
१९८० शोभराज मल कांग्रेस
१९८५ लक्ष्मणसिंह कांग्रेस
१९९० विजयसिंह झाला भाजपा
१९९३ नरपतसिंह राजवी भाजपा
१९९८ सुरेन्द्रसिंह जाड़ावत कांग्रेस
२००३ नरपतसिंह राजवी भाजपा
२००८ सुरेन्द्रसिंह जाड़ावत कांग्रेस
२०१३ चन्द्रभानसिंह आक्या भाजपा





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