चित्तौडग़ढ़. विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद नामांकन प्रक्रिया १२ नवम्बर से शुरू होगी। कांग्रेस व भाजपा जैसे प्रमुख राजनीतिक दलों से जिले की पांचों विधानसभा सीटों से प्रत्याशी कौन होंगे ये जानने के लिए सूचियां जारी होने का इंतजार है। इस बीच प्रत्याशी घोषणा से पहले इन दलों के दावेदार रैलियां, सभाएं आदि माध्यम से शक्ति प्रदर्शन में लगे हुुए है। कोई व्यक्तिगत आधार पर तो कोर्ई पार्टी बैनर की आड़ ले ताकत दिखाने में लगा है। कुछ दावेदार जिनको टिकट मिल जाने के अंदरखाने संकेत मिल गए है या पूरा विश्वास है वे अभी से अपने पक्ष में चुनावी माहौल बनाने में जुट गए है। इसके लिए खुलकर अपने नाम का सहारा लेने की बजाय पार्टी का बैनर आगे कर समर्थकों को सक्रिय करने में लग गए है। रविवार को बेंगू क्षेत्र में भाजपा के टिकट दावेदार कमलेन्द्रसिंह हाड़ा की वाहन रैली चर्चा में रही तो मंगलवार को चित्तौडग़ढ़ में कमल संदेश बाइक रैली की चर्चा रही। इस रैली को भले भाजपा का आयोजन बताया गया लेकिन राजनीतिक हलके में विधायक व फिर से भाजपा टिकट की दावेदारी जता रहे चन्द्रभान सिंह के समर्थन में ताकत प्रदर्शन माना गया। चुनाव में टिकट की मांग कर रहे कांग्रेस के कुछ नेताओं ने भी सभाओं के माध्यम से अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है।
बिना खर्च गिनाए अघोषित प्रचार
ऐसी रैलियों व सभाओं पर बड़ी राशि खर्च हो रही है लेकिन प्रत्याशी का नाम घोषित नहीं होने व नामांकन पत्र नहीं भरे जाने से इनका खर्चा किसी रिकॉर्ड में नहीं आ रहे है। खर्च का रजिस्टर शुरू होने से पहले दावेदार अप्रत्यक्ष रूप से अपने पक्ष में प्रचार कर रहे है। भाजपा ने चित्तौडग़ढ़ विधानसभा क्षेत्र में कमल संदेश रैली निकाल ताकत का प्रदर्शन किया। रिठोला चौराहा से पालका गांव तक निकाली गई रैली चित्तौडग़ढ़ शहर से गुजरी तो यातायात अस्त-व्यस्त हो गया। दो किलोमीटर से अधिक लंबी रैली में सैकड़ो बाइक सवार शामिल थे। पालकादेव गौशाला मे रैली समापन पर विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या ने कहा कि ये बाइक रैली कार्यकर्ताओं के मन में उमड़ रहे जोश का प्रतीक है।





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