हिण्डौनसिटी. पंजाब नेशनल बैंक में एक बिजली ठेकेदार के खाते से चेक बदल कर नौ लाख रुपए निकाल कर ले जाने का मामला सामने आया है। गुरुवार को पीडि़त ने कोतवाली थाने में मामले की प्राथमिकी पेश की तो पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरु कर दी है।
पुलिस के अनुसार केशवपुरा के मालीपाड़ा निवासी बिजली ठेकेदार वीरसिंह सैनी का खाता बयाना मोड़ के पास स्थित पंजाब नेशनल बैंक में है। इसी खाते से उसने अपने साथी ठेकेदार लांगरा निवासी हरकेश मीणा के खाते में नौ लाख रुपए भेजने के लिए 28 सितम्बर को उक्त राशि का अकाउंट-पे चेक बैंक ऑफ बडौदा की स्थानीय शाखा के ड्रॉप बॉक्स में डाला। अगले दिन 29 सितम्बर को सुबह करीब पौने 11 बजे मोबाइल पर खाते से नौ लाख रुपए कम होने का संदेश आया। दो दिन बाद साथी ठेकेदार ने खाते में रुपए नहीं भेजने की बात कही। इस पर पीडि़त बैंक पहुंचा। जहां बैंककर्मियों ने चेक क्लीयरेन्स के लिए भेजा जाना बताते हुए राशि के स्थानांतरण में देरी होने की बात कही। लेकिन गुरुवार को पुन: पीडि़त के पास साथी ठेकेदार का फोन आया और खाते में रुपए नहीं आने की बात बताई। इस पर पीडि़त फिर बीओबी बैंक पहुंचा तथा उसने खाते से पांच दिन पहले बैलेन्स कटने और साथी ठेकेदार के खाते में रुपए नहीं पहुंचने की बात कही। इस पर बीओबी बैंक प्रबंधन ने पीएनबी में जानकारी करने की बात कही। पीडि़त जब पीएनबी बैंक पहुंचा और खाते से रुपए निकलने की बात बताई तो शाखा प्रबंधक नेे मामले की जांच की। इसमें हरकेश नाम के किसी अन्य व्यक्ति द्वारा सेल्फ चेक से नकद भुगतान प्राप्त करने की बात सामने आई। पीडि़त ने बैंक प्रबंधन पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उसके खाते से फर्जी चेक के जरिए किसी व्यक्ति द्वारा नौ लाख रुपए निकाले जाने की प्राथमिकी दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद एएसआई छुट्टनलाल पीडि़त को साथ लेकर पीएनबी बैंक पहुंचे तथा बैंक शाखा प्रबंधक नाथूलाल रैगर से मामले की जानकारी ली। पुलिस ने पीडि़त द्वारा बैंक में जमा कराए चैक व उसके साथ लगी स्लिप की जांच की। साथ ही २९ सितम्बर को नौ लाख रुपए की नकद निकासी कर ले जाने वाले व्यक्ति की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। पीडि़त ने पुलिस को बताया कि जो चेक उसने जमा कराया था, वह नीले बॉल पेन से भरा गया था, जबकि जिस चेक से नकदी निकासी की गई वह काले पेन से भरा गया है। ऐसे में पुलिस चेक का क्लोन तैयार कर नकदी निकासी की आशंका जता रही है। इधर पीएनबी शाखा प्रबंधक नाथूलाल रैगर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन चाहा गया है। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
पहले भी हो चुकी है वारदात
्रउल्लेखनीय है कि इससे पहले एक जून 2018 मोहननगर निवासी गोयल के साथ ऐसी ही वारदात घटित हो चुकी है। तब स्टेशन रोड स्थित एसबीआई बैक में जमा कराए चेक का क्लोन तैयार कर 95 हजार रुपए निकाले जाने का मामला सामने आया था। विशेष बात यह थी उपभोक्ता ने चेक में राशि एक लाख रुपए भरी थी, जबकि पार95 हजार हुए थे। हालांकि शिकायत पर प्रधानमंत्री कार्यालय के आदेश पर बैंक ने निकाले गए रुपए पीडि़त के खाते में जमा करा दिए गए थे।
ऐसे बचें जालसाजों से
पुलिस के अनुसार जालसाजों से बचने के लिए मुख्यालय की ओर से अलर्ट जारी कर रखा है।
जिसके अनुसार बैंकों प्रबंधन की ओर से थर्ड पार्टी भुगतान की स्थिति में पैसा लेने वाले से आधार कार्ड मांगने, आधार कार्ड की जांच के लिए अंगूठा लगवा वैरीफिकेशन करने, खाताधारक को फोन कर भुगतान के सत्यता जांचने, अल्ट्रा वॉयलेट लैम्प के जरिए चैक की सत्यता जांचने तथा उपभोक्ता के हस्ताक्षर की सत्यता जांचने के निर्देश जारी किए हैं।
हैरत में है पीडि़त-
खास बात यह है कि पीडि़त वीरसिंह सैनी ने बड़ौदा बैंक के ड्रॉप बॉक्स में चेक डाला था। लेकिन उसी नम्बर के सेल्फ चेक से पीएनबी से रुपए आहरित हो गए। पीडि़त बैंकर्स से अब तक यही पूछता रहा कि ड्रॉप बॉक्स से चेक क्लीरिंग हाउस में जाने की बजाय सीधा पीएनबी बैंक कैसे पहुंच गया। उसके पास चेक के साथ लगाई ग्राहक स्लिप भी है।





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