नाथद्वारा. प्रभु श्रीनाथजी की नगरी को नशा मुक्त बनाने को लेकर निर्भया नशा मुक्त नवजीवन ज्योति समूह के सानिध्य में मंगलवार को रैली निकाली गई।
रैली में शहर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्र-छात्राएं हाथों में नशा करने वालों के खुद के जीवन एवं परिवार के परिणाम आदि के साथ जागृति लाने के स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए चल रहे थे। रैली बस स्टैंड से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होकर उपखंड कार्यालय पहुंची। यहां शहर को नशा मुक्त करने के लिए ज्ञापन दिया। रैली में संत ज्ञानानंद, बालमुकंदाचार्य सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, समूह के निर्भयसिंह, ईश्वरनाथ चौहान, कोमल पालीवाल, श्रीजी पब्लिक उमावि, सेंट मीरा महाविद्यालय, राजकीय विद्यालय के छात्र-छात्रा, एसएमबी कॉलेज के एनएसएस ईकाई के स्वयं सेवकों ने भाग लिया। राज्यपाल के नाम उपखंड अधिकारी को दिए ज्ञापन में प्रभु श्रीनाथजी की वैष्णव नगरी में वर्तमान चरस, भांग, गांजा व स्मैक सहित विविध नशों के अनाधिकृत उपयोग पर सख्त कार्रवाई करते हुए शहर को पूर्णतया नशा मुक्त घोषित करने की मांग की गई।
उपखंड अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी
रैली उपखंड कार्यालय पहुंची तो सदस्य उपखंड अधिकारी को नीचे बुलाने गए। इस दौरान उनके ज्ञापन लेने आने में देरी हुई तो सदस्य बिफर गए एवं उपखंड अधिकारी के खिलाफ नारे लगाने लगे। इस दौरान एसडीएम नारे सुनकर आते-आते वापस कार्यालय में लौट गई। इसके बाद फिर एक संस्था के अध्यक्ष ने जाकर उपखंड अधिकारी से बात की, जिसके बाद वे नीचे आईं और ज्ञापन लिया।
भाविप ने किया प्रतिभाओं को सम्मानित
नाथद्वारा. शहर के नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में भारत विकास परिषद के तत्वावधान में मंगलवार को सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
समारोह में वरिष्ठ अधिवक्ता ईश्वरसिंह सामोता, परिषद की अध्यक्ष गीता सेठी, गुर्जरगौड़ समाज के अध्यक्ष रमेशचन्द्र त्रिपाठी, तुलसीदास सनाढ्य, संगीता चौहान, योगेन्द्रसिंह चौहान, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष इन्द्रलाल माली व गोविंदकांत त्रिपाठी मौजूद थे। समारोह में सभी अतिथियों एवं प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए अधिकांश वक्ताओं ने मीडिया की भूमिका को लेकर अपने भी विचार रखे। समारोह में शहर की विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों, समाज व संगठन के अध्यक्ष मौजूद थे। संचालन एमएस रावल ने किया।





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