श्रीगंगानगर.
विधानसभा चुनाव में बीकानेर संभाग की सीटों पर प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल करने का उतार चढ़ाव रहा है। पिछले चार विधानसभा चुनाव के आंकड़ों पर नजर डाली जाएं तो जब-जब कांग्रेस की लहर प्रदेश में थी तब उम्मीदवारों की संख्या भी एकाएक बढ़ गई। लेकिन जब-जब भाजपा की लहर आई तब तब प्रत्याशियों की संख्या में एकाएक कमी आई।
वषज़् 1998 के चुनाव में 22 सीटों पर 300 प्रत्याशियों ने अपने पचेज़् दाखिल किए थे, इस चुनाव के बाद प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी थी। वहीं वषज़् 2003 में नामांकन दाखिल करने वालों की संख्या में एकाएक कमी आ गई, इस चुनाव में 263 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रह गए, इस चुनाव में भाजपा की सरकार बनी थी।
जब वषज़् 2008 में परिसीमन के बाद विधानसभा सीटों की संख्या बाईस से बढ़कर चौबीस बन गई थी। ऐसे में वषज़् 2008 के चुनाव में उम्मीदवारों की संख्या 381 तक पहुंच गई। इस चुनाव में प्रदेश में कांग्रेस की वापसी हुई थी। वहीं वषज़् 2013 में 24 सीटों पर विधायक बनने के लिए 334 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रह गए। इस बार फिर भाजपा की सरकार बनी।
नामांकन दाखिल करने का गणित
वषज़् विधानसभा सीट नामांकन संख्या
1998 22 300
2003 22 263
2008 24 381
2013 24 334
बीकानेर संभाग पाटीवज़र सीटें
बीकानेर संभाग के चार जिलों बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू के मतदाताओं ने प्रदेश में बदलाव की बयार का रुख देखकर मतदान किया है। ग्यारहवीं विधानसभा के गठन के लिए 1998 में हुए चुनाव से पहले भाजपा सत्ता में थी। हवा परिवतज़्न की चल रही थी सो इस संभाग के मतदाताओं ने उसी के अनुरूप मतदान कर कुल बाईस सीटों में से 16 कांग्रेस की और पांच भाजपा की झोली में डाली।
बारहवीं विधानसभा के गठन के लिए 2003 में हुए चुनावों तक प्रदेश में कांग्रेस के खिलाफ माहौल बन चुका था। सबसे ज्यादा नाराजगी कमज़्चारियों में थी। बीकानेर संभाग भी इससे अछूता नहीं रहा। इस बार चुनाव में कांग्रेस 7, भाजपा 10, इंडियन लोकदल व राष्ट्रीय सामाजिक न्याय मंच 1-1 तथा निदज़्लीय 3 सीटों पर विजयी रहे।
तेरहवीं विधानसभा के गठन के लिए 2008 में हुए चुनाव में कांग्रेस की वापसी हुई। लेकिन बीकानेर संभाग में कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबला बराबरी का रहा। परिसीमन के बाद बनी चौबीस विधानसभा सीटों में से कांग्रेस को 10, भाजपा को दस तथा माकपा को 1 सीट विजय हासिल हुई। तीन सीटों पर निदज़्लीय विजयी रहे।
वषज़् 2013 में प्रदेश की जनता ने एकबार फिर भाजपा में भरोसा जताया। मोदी लहर के कारण बीकानेर संभाग की चौबीस में से 17 सीटों पर भाजपा ने बाजी मारी। कांग्रेस को मात्र 3 सीटों पर सफलता मिली। इनके अलावा 1 सीट बसपा तथा 3 निदज़्लीयों के खाते में गई।





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