सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान के मौजूदा पर्यटन सत्र में विवादों व हंगामे का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को एक बार फिर से शिल्पग्राम स्थित बुकिंग विण्डों पर सुबह की पारी में टिकट नहीं मिलने के कारण पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसके बाद पर्यटकों ने बुकिंग विण्डो पर जमकर हंगामा किया। सीसीएफ वाई के साहू ने फोन पर समझाइश की और पर्यटकों के टिकट कटवाए। पर्यटकों को एक घंटे बाद सुबह साढ़े सात बजे पार्क भ्रमण पर भेजा गया। इसके बाद मामला शांत हुआ। कुछ ऐसे ही हालात दोपहर की पारी में भी रहे। दोपहर को पर्यटकों को टिकट नहीं मिलने से परेशानी हुई।
बुकिंग प्रक्रिया में यह है पेंच
पूर्व में रणथम्भौर में 25 प्रतिशन करंट बुकिंग टिकट विण्डों से ऑफ लाइन की जाती थी। मौजूदा सत्र में इसे सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की टीम से कराया जा रहा है। डीओआईटी के सॉफ्टवेयर में एक जोन में एक पारी में 8 से अधिक वाहनों के टिकट नहीं काटे जाते हैं। पूर्व में यह नियम केवल रणथम्भौर के मुख्य जोन(1 से 5) तक ही लागू था, लेकिन अब इसे बाहरी जोनों में भी लागू कर दिया गया है। ऐसे में नौ वाहनों के बाद टिकट नहीं कट पा रहे हैं। इससे पर्यटकों को परेशानी हो रही है।
डीओआईटी का यह है तर्क : इस संबंध में डीओआईटी की टीम का कहना है कि उनके सॉफ्टवेयर से एक पारी में एक जोन में आठ वाहनों के टिकट ही जारी किए जा सकते हैं। ऐसे में ऑफालाइन टिकट काटने पर जयपुर मुख्यालय से रोजाना पत्र आ रहा है। इससे परेशानी हो रही है।
सालों से नहीं बढ़ी वाहनों की लिमिट
कई सालों से एक जोन में वाहनों की लिमिट नहीं बढ़ाई गई है। 2000 से ही एक जोन में एक पारी में आठ वाहनों के प्रवेश की लिमिट निर्धारित है, जबकि पिछले 18 सालों में रणथम्भौर में पर्यटन में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में हर साल यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। इसको देखते हुए वाहनों की संख्या बढ़ाने की दरकार है।
- सुबह टिकट नहीें मिलने पर पर्यटकों ने हंगामा किया था। बाद में सभी पर्यटकों को जंगल भेज दिया गया।
अजीत सक्सेना, उपवन संरक्षक (पर्यटन), रणथम्भौर, सवाईमाधोपुर





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