रायपुर मारवाड़। एक सरकारी योजना ऐसी भी है जिसका लाभ लेने के फेर में क्षेत्र के पांच हजार परिवार कर्ज में डूब गए है। हालात ये है कि इस योजना के तहत अपने स्तर पर शौचालय निर्माण करवा चुके है। ये परिवार पिछले दो साल से भुगतान आस में विभागों के चक्कर लगा रहे हैं। स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय निर्माण कराने पर सरकार ने आवेदक को 12 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि देने की योजना बनाई थी। इस योजना का प्रचार प्रसार भी किया गया। जिससे प्रभावित होकर कई लोगों ने आवेदन किया और अपने स्तर पर कर्ज लेकर शैचालय का निर्माण कराया, लेकिन इन परिवारों को शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि अब तक प्राप्त नहीं हुई है।
यह थी निर्माण प्रक्रिया
इस योजना के तहत आवेदक को पहले अपने स्तर पर ही शौचालय का निर्माण कराना होता है। निर्माण पूरा होने के बाद उन्हे शौचालय की फोटो आवेदन के साथ लगाकर ग्राम पंचायत में जमा कराना होता है। ग्राम पंचायत उसका भौतिक सत्यापन करने के बाद भुगतान की अनुशंसा करते हुए पंचायत समिति को आवेदन भेजती है। पंचायत समिति ने ये रिपोर्ट जिला परिषद भेजती है। इसके बाद बजट जारी किया जाता है।
प्रत्येक ग्राम पंचायत में 300 आवेदक
उपखण्ड क्षेत्र में 35 ग्राम पंचायते है। प्रत्येक ग्राम पंचायत से करीब 400 आवेदकों ने इस योजना में आवेदन किया। योजना शुरू होने के समय 100 आवेदकों को भुगतान मिल गया। जबकि प्रत्येक ग्राम पंचायत में करीब 300 आवेदक आज भी भुगतान का इंतजार कर रहे हैं।
सरपंचों ने भेजा था पत्र
क्षेत्र के सरपंचों ने बकाया भुगतान शीघ्र कराने के लिए कई बार जिला प्रशासन व पंचायतराज विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा। दो माह पहले पंचायत राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ से भी मुलाकात कर हालात की जानकारी दी। इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया है।
आश्वासन दे रहे जि मेदार
हमारी ग्राम पंचायत क्षेत्र के 700 परिवारों को शौचालय निर्माण की राशि नहीं दी गई है। पिछले दो साल से स्थानीय व जिला अधिकारी सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। समय रहते भुगतान नहीं हुआ तो धरना प्रदर्शन करेंगे। -सुमित्रा चौहान, सरपंच, गिरी





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