चूरू.
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बाजार में आ रहे नकली नोटों को लेकर आमजन सकते में है। जल्दीबाजी में बिना देखे 500 रुपए के ये नकली नोट लेकर कई दुकानदार नुकसान उठा चुके हैं। मगर कानूनी कार्रवाईमें फंसने के डर से बैंक या पुलिस में शिकायत करने से बच रहे हैं। आईके आर 992671 सिरीज के ये नकली नोट देने वालों का भी दुकानदारों को कोई पता नहीं है। ऐसे में मनमसोस कर नोट को फाड़कर फैंकने को मजबूर हैं। इस संबंध में एसपी राममूर्तिजोशी का कहना है कि नकली नोटों का बाजार में चलन गंभीर बात है। मगर एकाध नोटपर कार्रवाई नहीं हो सकती। आरबीआई के नियमानुसार एक तय सीमा में नकली नोट मिलने पर कार्रवाई कर सकते हैं। आमजन नोटको सही तरीके से देखकर ले।
असली-नकली नोट में है ये अंतर
500 के असली नोट का कागज पतला व लचीला है। वहीं नकली का कागज मोटा व कड़ा है। जो कईबार मोडऩे पर कटने लगता है। असली नोटमें गांधी जी की फोटो में हरे चमकीले रंग की पट्टी है। वो नकली में काले रंग की है। असली में ये पट्टी अंग्रेजी में लिखे रिजर्व बैंक की साइड में है। नकली में ये पट्टी रिजर्व बैंक शब्द के
उपर है। असली में खाली सफेद जगह पर गांधी जी की तस्वीर स्पष्ट उभरती है। नकली में ये तस्वीर धुंधली है।
पांच साल से फरार आरोपी को भेजा जेल
सादुलपुर. पांच साल से फरार आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। डीएसपी सुरेशचंद्र जांगिड़ ने बताया कि स्पेशल टीम में शामिल कांस्टेबल सवित कुमार, प्रदीप कुमार एवं करणसिंह ने पांच साल से फरार आरोपी गांव लसेड़ी निवासी उदयसिंह को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि आरोपी सड़क दुर्घटना के मामले में फरार चल रहा था। इसके अलावा आरोपी सरदारशहर पुलिस थाने में शराब के मामले में स्थायी वारंटी हैै, जो फरार था। उन्होंने बताया कि आरोपी से पूछताछ कर न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेजने के आदेश दिए।





No comments:
Post a Comment