दौसा. जिले के सबसे बड़े रामकरण जोशी जिला चिकित्सालय में भ्रष्टाचार से जुड़ा एक वीडियो वायरल होते ही अस्पताल प्रशासन सहित शहर में चर्चा का विषय बन गया। इस वीडियों में आरोपित चिकित्सक आवेदकों से हाथ में रूपए लेते दिखाई दे रहा है। मामला संज्ञान मेंं आने के बाद आनन-फानन में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ.बी. के. बजाज ने शनिवार को आरोपी चिकित्सक के खिलाफ नोटिस जारी कर इस संबंध में जवाब मांगा है।
उन्होंने बताया कि विभिन्न माध्यमों से इस संबंध में जानकारी मिलने पर अस्पताल प्रशासन की ओर से कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पूरी जांच के बाद ही वस्तुस्थिति सामने आ पाएगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी अस्पताल के एक चिकित्सक पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फर्जीवाड़ा के आरोप में भी मुकदमा चल रहा है। गौरतलब है कि जिला चिकित्सालय में दिव्यांगजनों को ऑनलाइन सर्टिफिकेट जारी करने के दौरान कई फर्जी सर्टिफिकेट मिलने का मामला भी दबा दिया गया।
पति को आजीवन एवं देवर को तीन साल की सजा
बंादीकुई. अपर जिला एवं सैशन न्यायधीश प्रियंका पिलानिया ने शनिवार को दहेज के लिए हत्या करने के आरोप में मृतका के पति को आजीवन कारावास एवं छोटे भाई (देवर) को दहेज मांगने के आरोप में तीन साल की सजा सुनाई।
अपर लोक अभियोजक राजेन्द्रसिंह गुर्जर ने बताया कि 6 नवम्बर 2013 को लटूर पुत्र भौंरीलाल माली निवासी टीकावाली ढाणी ने बांदीकुई थाने में मामला दर्ज कराया था कि उसने पुत्री निरमा व ममता की शादी वर्ष 2009 में गुढ़ाकटला निवासी चेतराम व कमलेश के साथ की थी।
दहेज में घरेलू सामान व सोने चांदी के आभूषण दिए थे, लेकिन शादी के बाद से ही पति चेतराम, सास छोटी देवी, ससुर छोटेलाल, ननद कविता ने कम दहेज देने की बात कहकर परेशान करना शुरू कर दिया और शादी के बाद छोटी पुत्री ममता को लेकर नहीं गए। ससुराल पक्ष के लोग दहेज में 2 लाख रुपए मांगने लगे। इसी बीच 6 नवम्बर 2013 को फोन पर सूचना आई कि तुम्हारी पुत्री निरमा को मारकर कुएं में डाल दिया है।
सूचना पर मौके पर जाकर देखा तो पुत्री कुएं में मृत अवस्था में मिली। पुलिस ने मृतका के पति चेतराम के खिलाफ दहेज के लिए हत्या करने व छोटे भाई कमलेश पर दहेज मांगने के आरोप का चालान पेश किया। मामले की सुनवाई करते हुए एडीजे ने पति को दोष सिद्ध होने पर दहेज के लिए हत्या करने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई, वहीं देवर कमलेश को दहेज मांगने के आरोप में तीन साल की सजा सुनाई है। अपर लोक अभियोजक ने 14 गवाह तथा 15 दस्तावेज पेश किए। (नि.सं.)





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