महिला क्रिकेट प्रतियोगिता की आयोजन समिति में विवाद
सीकर. महिला क्रिकेट प्रतियोगिता के नाम पर वाहीवाही लूटने वाली विक्टर महिला क्रिकेट प्रबंधन समिति में विवाद का मामला सामने आया है। पैसों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कलक्ट्रेट तक पहुंच गया है। आयोजन समिति के सचिव ने समिति से जुड़े कई पदाधिकारी व सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए है। क्रिकेटरों को दिखावे के लिए आयोजन समिति ने अपने ही सदस्य सचिव मनोज कुमार बरवड़ को एक लाख का चेक थमा दिया। आरोप है कि आयोजन के बीच में ही वह चेक वापस भी ले लिया। अब समिति के सचिव को पैसे के नाम पर धमकी व गालियां मिल रही है। यह प्रतियोगिता पिछले महीने गांव भैरूपुरा में हुई थी। समिति के सचिव मनोज बरवड़ ने पुलिस अधीक्षक व जिला कलक्टर को दी शिकायत में आरोप लगाया कि पुरा की ढाणी निवासी विक्टर क्रिकेट एकेडमी के धर्मपाल पचार और सबलपुरा निवासी महेश शर्मा सहित अन्य ने चेक वापस लिया है। अब पैसे मांगने पर धमकी दी जा रही है। वहीं पीडि़त ने आयोजन समिति के सदस्यों पर जातिसूचक गाली देने के आरोप भी लगाए है।
शिकायत में यह बताया
जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बरवड़ ने बताया कि उद्घाटन समारोह में बाल कल्याण आयोग समिति के सदस्य शिवपाल ख्यालिया सहित अन्य अतिथियों की मौजूदगी में एक लाख रुपए का चैक दिया था। इधर, आयोजन समिति के सदस्यों का कहना है कि पिछले दिनों सचिव से बातचीत हुई थी, लेकिन उन्होंने समिति के अन्य सदस्यों से बातचीत करने के बजाय मामले को तूल दे दिया। इस मामले में पिछले दिनों भी दो गुट बन गए थे। इनमें से एक पदाधिकारी तो इस्तीफा देकर ही चली गई।
खेल प्रमाण पत्रों का नहीं मिलता फायदा
ओपन खेल प्रतियोगिताओं के प्रमाण पत्रों का फायदा भी खिलाडि़यों को नहीं मिल रहा है। इससे अन्य खेल संस्थाओं की साख पर भी सवाल खड़े हो रहे है। प्रतियोगिताओं में शामिल होने वाले खिलाडि़यों को प्रतियोगी परीक्षा और प्रवेश के समय इन खेल प्रमाण पत्रों के लाभ का दावा किया जाता है। लेकिन ओपन खेल प्रतियोगिताओं से खिलाडि़यों को कोई फायदा नहीं हो रहा है। पहले हुई कई खेल प्रतियोगिताओं में इस तरह का फर्जीवाड़ा हो चुका है।
विभाग की लापरवाही
जिला प्रशासन व खेल विभाग की लापरवाही सीकर के खिलाडि़यों पर भारी पड़ रही है। हालत यह है कि स्टेडियम सहित अन्य मैदानों में आयोजन के लिए आयोजक जिला प्रशासन से अनुमति भी लेते है। लेकिन जिला प्रशासन इस दौरान बिना जांच के ही अनुमति दे देता है।
खिलाडि़यों ने भी लगाए थे आरोप
महिला क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल मैच में भी गड़बड़ी के आरोप लगे थे। इस दौरान तो आयोजन समिति सदस्यों ने जैसे-तैसे कर मामला शांत करा लिया। लेकिन अब आयोजन समिति के दो धड़े हो जाने के कारण एक धड़े खुलकर कहा कि फाइनल में गड़बड़ी हुई थी।





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