किसान परेशान
वनपुरा क्षेत्र में इन दिनों खरीफ की फसल में नुकसान होने से किसान वर्ग परेशान है। वहीं यहां अब तक सर्वे नहीं करवाना प्रशासन की अनदेखी दर्शा रहा है। किसानों ने बताया कि पहले तो सफेद मच्छर के प्रकोप से फसल खराब हुई।वहीं कुछ बची फसल बरसात के पानी से खराब हो गई। अब किसानों के लिए यह फसल समेटना परेशानी बन आई है।यहां कई खेतों में अभी तक बारिश का पानी भरा होने से खराब होने के कगार पर है। वहीं क्षेत्र में फसल की कटाई भी शुरू हो गई है। जिससे किसानों में मायूसी छा रही है। किसानों ने बताया कि क्षेत्र में फसल खराब अधिक होने से नुकसान हुआ है। सरकार द्वारा अभी तक ना तो फसल की गिरदावरी करवाई गई और ना ही सर्वे करवाया गया। जिससे यहां किसान वर्ग को मौजा मिलना मुश्किल है। वहीं क्षतिग्रस्त फसलें समय से पहले कटनी शुरू हो गई है। जो कि बहुत कम औसत दे रही है। यहां किसानों ने मांग की है कि जल्द गिरदावरी करवाई जाए। किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए, जिससे किसानों को कुछ राहत मिले।
अरनोद में मुख्य मंडी, पीपलखूंट में गौण मंडी
प्रतापगढ़ / अरनोद उत्पादन और विपणन एक स्थान या निकटतम स्थान पर होने की मंशा को देखते हुए हाल ही में सरकार की ओर से जिले की अरनोद गौण मंडी को मुख्य मंडी और पीपलखूंटमें गौण मंडी खोलने की स्वीकृति दी है। इसे लेकर राजस्थान कृषि उपज विपणी अधिनियम 196 1 की धारा 3 के अन्तर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन मंडियों के स्थापना की घोषणा की गई है। गौरतलब है कि अरनोद मंडी पहले गौण मंडी थी। इस मंडी की गत तीन वर्षों की आय को देखते हुए इसे मुख्य मंडी के रूप में स्थापित की गई है। वहीं प्रदेश की सभी तहसील मुख्यालयों गौण मंडी है, इसी के तहत किसनों के हितों को देखते हुए पीपलखूंट को भी गौण मंडी के रूप में स्थापित की गई है।
यह रहेगा अरनोद मंडी का क्षेत्र
अरनोद मंडी में क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतें शामिल रहेगी।जिसमें अचलावदा, अरनोद, कोटड़ी, चूपना, जाजली, नौगांवां, फतेहगढ़, बेड़मा, मोवाई, मोहेड़ा, लालगढ़, विरावली, साखथली खुर्द के क्षेत्र को शामिल किया गया है। इसके अलावा सालमगढ़ गौण मंडी अब अरनोद मुख्य मंडी में शामिल रहेगी।
यह है अरनोद गौण मंडी की तीन वर्षों की आय
वर्ष आय
2015-16 43.13
2016 -17 56 .77
2017-18 95.20
(आय लाख में)
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अरनोद मंडी की स्थिति
अरनोद गौण मण्डी यार्ड मुख्य मंडी प्रांगण प्रतापगढ़ से 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अरनोद में उपखण्ड एवं पचांयत समिति का मुख्यालय है। अरनोद पंचायत समिति में 29 ग्राम पंचायत है। जिसमें से 13 ग्राम पंचायत गौण मंडी अरनोद एवं 16 ग्राम पंचायत गौण मंडी सालमगढ़ में शामिल थी। अरनोद में गौण मंडी यार्ड 10 बीघा भूमि पर निर्मित है। यार्ड में कार्यालय भवन, 10 फुटकर दुकानें, प्लेटफार्म, आन्तरिक सडक़ें, प्याऊ एवं चार दीवारी निर्मित है। अरनोद गौण मंडी मे अनुज्ञाधारी व्यापारियों की संख्या 8 1 है। लेकिन कार्यशील व्यापारियों की संख्या 20 है। वर्तमान में अरनोद गौण मंडी में व्यापार स्थानान्तरित नहीं है। गौण मंडी क्षेत्र अरनोद मध्यप्रदेश राज्य की सीमा से लगता हुआ है। ऐसे में यहां मुख्य मंडी खुलने से क्षेत्र के किसानों को और व्यापारियों को काफी लाभ मिलेगा।
कर रहे तैयारी, होगा लाभ
अरनोद को मुख्य मंडी व पीपलखूंट में गौण मंडी के रूप में स्थापित करने की घोषणा हुई है।इसके बाद हम तैयारी कर रहे है। अरनोद मंडी में ढाई करोड़ रुपए के निर्माण कार्य कराए जा रहे है।इसके टेंडर हो गए है। अगले माह से कार्य शुरू कराया जाएगा। यहां व्यापारियों को दुकानें और गोदाम के लिए भूखंड आवंटित किए गए है। अभी 23 भूखंड और आवंटित किए जाने है।इसके साथ ही पीपलखूंट में गौण मंडी के लिए प्रशासन के सहयोग से भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।किसानों और व्यापारियों को लाभ मिलेगा।
मदनलाल गुर्जर
सचिव, कृषि उपज मण्डी समिति, प्रतापगढ़
यह रहेगा पीपलखूंट गौण मंडी का क्षेत्र
जिला मुख्यालय से बांसवाड़ा रोड पर 40 किलोमीटर दूर पीपलखूंट में 31 ग्राम पंचायतें है।यहां किसानों को विपणन की सुविधा उपलब्ध होने पर लाभ मिलेगा।वहीं आय में भी बढ़ोतरी होगी। यह गौण मंडी प्रतापगढ़ मुख्य मंडी में शामिल रहेंगी। किसानों का परिवहन शुल्क से छुटकारा मिलेगा।
अरनोद में होगा नया बोर्ड का गठन
अरनोद में मुख्य मंडी स्थापित करने के साथ ही यहां संचालक मंडल का नया बोर्ड का गठन किया जाएगा।प्रथम बोर्ड का गठन राज्य सरकार की ओर से किया जाएगा।





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