राजसमंद/मोही. पढ़-लिखकर भी नौकरी नहीं मिलने और परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने से मानसिक रूप से परेशान दो भाइयों के लिए अक्षय पात्र संस्थान नाथद्वारा की ओर से भोजन की व्यवस्था की गई है। वहीं, संस्थान में एक भाई को नौकरी की पेशकश भी की है।
अतिरिक्त मुख्य शिक्षा अधिकारी राजसमंद सत्यदेव शर्मा ने बताया कि राजस्थान पत्रिका में खरब के प्रकाशन के बाद अक्षय पात्र संस्थान ने मोही के परसाराम पूॢबया (60) के बेरोजगार पुत्रों रतनलाल व प्रकाश की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए उनकी मदद का निर्णय लिया है। इसके तहत संस्थान की ओर से दोनों के लिए मिड-डे-मील के तहत स्कूलों में उपलब्ध करवाए जा रहे बच्चों के भोजन के साथ ही उनके निवास से नजदीकी स्कूल में भोजन उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए जल्द ही आदेश जारी किए जाएंगे, जिसके बाद दोनों भाई संबंधित विद्यालय से भोजन प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही दोनों भाइयों के मानसिक उपचार के बाद पूर्ण रूप से स्वस्थ्य होने पर दोनों में से किसी एक को संस्थान में नौकरी भी दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि दो भाइयों और परिवार की स्थिति को मानवीय आधार पर गंभीरता से लेते हुए राजस्थान पत्रिका के 16 जुलाई के अंक में ’पढ़-लिखकर भी नहीं मिल सका कोई काम तो वे सडक़ों पर लगा रहे झाडू’ शीर्षक के साथ समाचार प्रकाशित किया गया था। इसके बाद रेडक्रॉस सोसायटी राजसमंद के मानद सचिव राजकुमार दक के प्रयासों से उनका आरके जिला अस्पताल में उपचार भी शुरू हो चुका है।





No comments:
Post a Comment