राज्य के परिवहन मंत्री यूनुस खान ने पिछले साल डॉक्टरों की हड़ताल खत्म कराने में मुख्य भूमिका निभाई। उस समय उनके वार्ता प्रबंधन को लेकर खूब चर्चे भी हुए, लेकिन अब वे अपने ही विभाग में असहाय नजर आ रहे हैं। अब तो चर्चा है कि यूनुस खान रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल खत्म कराने में असहाय हैं या फिर हड़ताल खत्म नहीं कराना चाहते।
पूरे राजस्थान में रोडवेज की बसें पिछले लगभग एक पखवाड़े से सड़कों पर नहीं हैं। यात्री परेशन हो रहे हैं, निजी बस वाले लोगों से जमकर किराया वसूल रहे हैं। परिवहन कर्मचारी पहले लोक परिवहन सेवा को लेकर भी विरोध जता चुके हैं। अब मौजूदा हड़ताल की स्थिति यह है कि वार्ता के लिए जो कमेटी बनाई है, उसमें उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत को आगे रखा गया है। रोडवेज कर्मचारियों की इस कमेटी से वार्ता का दौर अभी शुरू नहीं हुआ है।
रोडवेज प्रबंधन इस मामले में कर्मचारियों के प्रति सख्ती दिखा रहा है और उधर, कर्मचारियों का सड़क परिवहन मंत्री की कर्मचारियों से हड़ताल से पहले एक वार्ता जरूर हुई, लेकिन उसके बाद वे कर्मचारियों को वार्ता की टेबल पर नहीं ला पाए। किसी ने कहा कि मंत्रीजी अब कुछ ही दिन शेष है। वरना लोग यही कहेंगे, दूसरों के घर में दिया जलाने वाले खुद के घर को ही रोशन नहीं कर पाए। खुद का घर ही नहीं संभाल पा रहे हैं मंत्रीजी!





No comments:
Post a Comment