अजमेर.
पीएचडी करने से पहले ही महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के शोधार्थियों को ‘धक्के ’ खाने पड़ रहे हैं। दरअसल वे शोध कार्य की शुरुआत कराने वाले गाइड के इंतजार में है। लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
विश्वविद्यालय ने बीते वर्ष 24 दिसम्बर को शोध पात्रता परीक्षा कराई थी। इसमें प्रबंध अध्ययन, विधि, जूलॉजी, बॉटनी, पॉप्यूलेशन स्टडीज और अन्य संकाय के विद्यार्थी शामिल हुए। परिणाम घोषित होने के बाद विश्वविद्यालय ने इन्हें नियमानुसार गाइड आवंटित किए।
इनमें विधि संकाय के करीब सात विद्यार्थी भी शामिल हैं। राजकीय लॉ कॉलेज नागौर के रीडर डॉ. एम. एस. राजपुरोहित को इनका रिसर्च गाइड बनाया गया।
राजपुरोहित का हुआ पदस्थापन
विधि संकाय के विद्यार्थी मुकेश कुमार ने बताया कि शोध कार्य की शुरुआत से पहले विश्वविद्यालय ने फीस जमा कराने को कहा। वे नागौर लॉ कॉलेज गए तो उन्हें डॉ. राजपुरोहित का पदस्थापन जोधपुर होने की जानकारी मिली। नियमानुसार डॉ. पुरोहित का महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय से क्षेत्राधिकार भी बदल गया है। इस प्रकरण को करीब दो महीने से ज्यादा हो चुका है। उन्हें और अन्य विद्यार्थियों को अब तक नए गाइड का आवंटन नहीं हुआ है।
करेंगे नया गाइड आवंटन
शोध विभाग के सहायक कुलसचिव डॉ. एस. एम. राव की मानें तो विश्वविद्यालय इस प्रकरण से वाकिफ है। नियमानुसार विधि संकाय के विद्यार्थियों को नए गाइड आवंटन किया जाएगा। इसके अलावा अब शोध और गाइड आवंटन के नए नियम भी जल्द जारी होंगे।
भावी इंजीनियर्स हैं तैयार, भरे जेईई मेन्स एग्जाम के फार्म
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के तत्वावधान में अगले साल दो चरणों में जेईई मेन्स परीक्षा का आयोजन होगा। प्रथम चरण की परीक्षा के लिए विद्यार्थियों ने ऑनलाइन फार्म भर दिए हैं।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के तत्वावधान में अगले साल दो चरणों में जेईई मेन्स की परीक्षा होगी। प्रथम चरण की परीक्षा के ऑनलाइन फार्म 30 सितम्बर तक भरे जा चुके हैं। पूरे देश में करीब 5 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों ने फार्म भरे हैं। प्नेट बैंकिंग/डेबिट-क्रेडिट कार्ड से फीस भी जमा हो गई है। परीक्षा 6 से 20 जनवरी के बीच कराई जाएगी।
द्वितीय चरण का आवेदन कार्यक्रम
ऑनलाइन फार्म भरने की तिथि-8 फरवरी से 7 मार्च तक
नेट बैंकिंग/डेबिट-क्रेडिट कार्ड से फीस-8 मार्च
परीक्षा तिथि- 6 से 20 अप्रेल के बीच





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