प्रधानमंत्री आवास योजना
चयनितों को आशियाने मिलने का सपना अब अधरझूल में!
दूसरी बार हुए सर्वे में 1.73 लाख आए थे आवेदन
आचार संहिता बनी रोड़ा, अब नहीं मिल पाएगी किश्त
जिला परिषद को काम पूरे करने के मिले निर्देश
बाड़मेर ञ्च पत्रिका . प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीब व चयनित परिवारों को घर मिलने का सपना स्वीकृति जारी होने के बावजूद सपना ही रह गया। योजना में वंचित 1 लाख 73 हजार परिवारों ने आवेदन किया था जबकि चयनित सूची में 1 लाख हजार 12 परिवारों को घर देने की स्वीकृति जारी हुई। लेकिन जिला परिषद के ढीले रवैये के चलते अभी तक कागजी कार्यवाही ही पूरी नहीं हो सकी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना में वर्ष 2011 के सर्वे में कई परिवार वंचित रह गए थे। वर्तमान केंद्र सरकार ने उन्हें छत दिलाने के लिए दुबारा सर्वे करवाया। जिसमें बाड़मेर जिले में 1 लाख 73 हजार 174 नए आवेदन आए। ग्राम सभाओं के माध्यम से जिले के 1 लाख 12 हजार परिवार चयनित हुए। आवास दिलाने के लिए जिला परिषद की ओर से सभी परिवारों की 30 सितबंर तक जियो-टैगिंग करवानी थी लेकिन प्रशासन महज 60 प्रतिशत काम ही करवा पाया है। एेसे में पंचायतीराज विभाग ने नोटिस जारी कर जबाव तलब किया। हालांकि जियो-टैगिंग करवाने के लिए अंतिम तिथि बढाकर 20 अक्टूबर कर दी पर आचार संहिता लगने से अब आवास का सपना पूरा होता नजर नहीं आ रहा।
1.73 लाख आवेदन दुबारा सर्वे में आए थे
1.12 लाख परिवार ग्राम सभाओं में चयनित हुए
1.52 लाख आवास पूर्व में स्वीकृत हैं
इन परिवारों को मिलना था घर
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन परिवारों को लाभ मिलना था जिसका आवास कच्चा, घास या बांस से निर्मित है। इसके अलावा जिनके कच्चा मकान है उन्हें आशियाना मिलना था। लेकिन प्रशासन की ढील के चलते जीयो टैगिंग पूरी नहीं हो पाई। एेसे में गरीबों के आशियाने के सपने कैसे पूरे होंगे, यह सवाल चयनितों को सता रहा है।
करवा रहे हैं काम
&प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर काम चल रहा है। कागजी कार्यवाही पूरी नहीं कर पाए थे। जयपुर से निर्देश मिले हैं। जल्द ही योजना को लेकर काम पूरा किया जाएगा और चयनित परिवारों को किश्त मिलेगी।
- कालूराम, सीईओ, जिला परिषद, बाड़मेर





No comments:
Post a Comment