रेलमगरा. कस्बे के चामुण्डा माता मंदिर मार्ग पर मुख्य बस स्टैण्ड से चंद कदम दूर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम को तोड़कर उसमें से नकदी चुराने के प्रयास के मामले में रेलमगरा थाना पुलिस ने सरगना सहित चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। सात दिन में पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया। आरोपियों ने चित्तौडग़ढ़ शहर में भी एक एटीएम से नकदी चुराने की कोशिश की थी, लेकिन विफल रहे। आर्थिक तंगी के कारण सरगना ने इस तरह की वारदात का तरीका इंटरनेट पर तलाशा। दूसरी ही कोशिश में पूरी गैंग धरी गई।
पुलिस अधीक्षक भुवनभूषण यादव ने बताया कि गत 13 अक्टूबर की रात रेलमगरा स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम को तोड़कर उसमें रखे करीब 27 लाख रुपए चुराने का प्रयास किया था। वारदात के समय रात्रि में रेलमगरा निवासी शंभुलाल सेठिया हमेशा की तरह अपनी चाय की थड़ी पर जा रहा था। इस दौरान उसने एटीएम में हलचल देखी, तो शोर मचाया। लुटेरों ने उसे जान से मारने की धमकी दी और मौके से भाग जाने की हिदायत भी दी। लेकिन, शंभुलाल के लगातार चिल्लाने पर लुटेरे भाग गए। शोर सुनकर मौके पर गश्ती दल के जवान भी आ पहुंचे, जिससे एटीएम में रखे 27 लाख रुपए बच गए। पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाले गिरोह के मुख्य सरगना सनसिटी कॉलोनी फतहनगर निवासी नारायणलाल बुनकर पुत्र रामलाल, भोपालसागर थाना क्षेत्र के पारी निवासी शंकरलाल पुत्र श्यामलाल खारोल, कांकरवा निवासी कन्हैयालाल पुत्र नारायणलाल कीर, फतहनगर निवासी शैलेन्द्रसिंह पुत्र नारायणसिंह चौहान आदि को गिरफ्तार किया है। गिरोह में शामिल एक आरोपी स्कूली छात्र है। पुलिस उस बाल अपचारी की भी तलाश कर रही है।
ऐसे हुआ पर्दाफाश
बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंधक एवं एटीएम संचालक कंपनी के अधिकारी ललित शर्मा ने पुलिस में प्रकरण दर्ज कराया था। पुलिस ने एटीएम परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले। बदमाश इतने शातिर थे कि नकाब पहनकर उन्होंने कैमरों के आगे काले रंग की टेप चिपका दी थी। लेकिन टेप चिपकाने से पूर्व ही ये बदमाश कैमरों में कैद हो गए थे। वारदात के समय हड़बड़ी में मौके पर लुटेरे एक स्कूटी भी छोड़कर भाग गए थे। पुलिस स्कूटी के पंजीयन नम्बर और डिक्की में रखी बैंक पासबुक की मदद से इन आरोपियों तक पहुंच गई।
जांच दल में ये थे शामिल
अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. राजेश भारद्वाज के निर्देशन में नाथद्वारा वृत्ताधिकारी ओमकुमार के नेतृत्व में थाना अधिकारी लीलाधर मालवीय, अनुसंधान अधिकारी मनोहर सिंह, हैड कांस्टेबल जलेसिंह, बद्रीलाल, रामेश्वररलाल, गनी मोहम्मद आदि जवानों की टीम बनाई।
आइटीआइ होल्डर बेहद शातिर है सरगना नारायणलाल
घटना का मास्टर माइण्ड नारायणलाल बुनकर ने फतहनगर स्थित एक तकनीकी शिक्षण संस्थान से इलेक्ट्रिकल में आइटीआइ कॉर्स कर चुका है। वह चित्तौडग़ढ़ में एक दुकान पर मोबाइल रिपेयरिंग का कार्य कर रहा था, जहां से करीब सात माह पूर्व उसने नौकरी छोड़ दी। उसके बाद वह आर्थिक रूप से तंगी में पहुंच गया। उसने मोबाइल पर यू-ट्यूब के जरिए एटीएम से राशि निकालने के तरीकों को ढूंढा। उसके बाद रेलमगरा में स्थित इस एटीएम की रैकी शुरू कर दी। घटना को अंजाम देने वाले दिन भी आरोपियों ने यहां रैकी की। थाना अधिकारी लीलाधर मालवीय ने बताया कि वारदात में शामिल शंकरलाल खारोल पूर्व में फतहनगर में नितिन जैन पर फायरिंग के मामले में दोषी रहे निक्की शर्मा का सहअभियुक्त भी रहा है। इस आरोप में वह दो वर्ष की सजा काट चुका है। मास्टर माइण्ड शंकरलाल बुनकर ने अक्टूबर के पहले सप्ताह में ही चित्तौडग़ढ़ में भी एटीएम तोड़कर राशि चुराने की कोशिश करना कबूल किया है।





No comments:
Post a Comment