जैसलमेर. मरुस्थलीय जैसलमेर जिले में बारानी भूमि आवंटन की घोषणा अब धरातल पर उतर सकेगी। बीते दिनों इस संबंध में राज्य सरकार ने आवंटन आदेश के साथ नियमों की जो सख्तियां लागू की थी, उनमें सरकार ने आगे बढकऱ शिथिलता प्रदान करने का फैसला किया है। जैसलमेर जिला प्रषासन की ओर से आबंटन के लिए गत 6 सितम्बर को सरकार की ओर से जारी नियमों व शर्तों में शिथिलता के लिए लिखा था। उसे स्वीकार करते हुए सरकार ने संशोधित आदेश जारी किया है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने से पहले जिले में बारानी भूमि आबंटन के लिए भूमिहीनों से आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। गौरतलब है कि उपनिवेशन विभाग राजस्थान की ओर से इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र के द्वितीय चरण (जैसलमेर) में स्थित बारानी भूमि के आवंटन पर लगी रोक को पहले हटाया गया एवं अब उसमें शिथिलता भी दी गई है।
कलक्टर ने की थी सिफारिश
गौरतलब है कि जैसलमेर जिले में बारानी भूमि आबंटन के सिलसिले में जारी आदेष में कड़े नियमों के कारण मुखर हुए विरोध के स्वरों के बीच गत दिनों जिला कलक्टर ओम कसेरा ने राजस्व सचिव से वार्ता कर बारानी भूमि के आबंटन के संबंध में आ रही पेचेदगियों के निराकरण का आग्रह किया ताकि जिले के भूमिहीन किसानों को भूमि आवंटन का अवसर मिले। इसके बाद सरकार ने आवंटन के संबंध में शिथिलता प्रदान की है। उपनिवेषन विभाग के संयुक्त शासन सचिव महेश प्रकाश शर्मा ने जिला कलक्टर को पत्र प्रेषित कर दी गई शिथिलता के बारे में जानकारी दी।
यह दी शिथिलता
जिला कलक्टर को भेजे पत्र में संयुक्त शासन सचिव ने बताया कि जिन क्षेत्रों के निवासियों के लिए पशुपालन एक व्यवसाय है तथा उन क्षेत्रों में पड़त, बारानी सिवाय चक भूमि जिस पर बरसात में घास एवं अन्य वनस्पति उगती है, जो पशुओं के चराई में काम आती है, के साथ ही चारागाह, ओरण संबंधी भूमियों का आवश्यकतानुसार आरक्षण कर शेष भूमियों के आवंटन की कार्यवाही कराएं। इसके लिए कलक्टर को अधिकृत किया गया है। इसी तरह से ऐसे क्षेत्रों की भूमि जो मिट्टी, रेत का कटान रोकने के लिए तथा सिंचित भूमि की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, ऐसी भूमियों के संबंध में जिले में पदस्थापित कृषि व जल संसाधन, पशुपालन, गोपालन विभाग, काजरी के जिलास्तरीय अधिकारियों की कमेटी गठित करते हुए कृषि योग्य भूमियों का चिन्हीकरण कर अबंटन के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई के लिए भी कलक्टर को अधिकृत किया गया है।
आवंटन योग्य जमीन के चिह्निकरण के निर्देश
सरकार की ओर से शिथिलता जारी होने के बाद जिला कलक्टर कसेरा ने उपखंड अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे चारागाह, ओरण संबंधी ऐसी भूमियों का चयन कर आरक्षण की कार्रवाई जल्द कराएं तथा इसके बाद आवंटन योग्य बारानी भूमियों का चिह्निकरण कर आवंटन की कार्रवाई भी शीघ्र करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इसके संबंध में भूमिहीन किसानों से आवेदन पत्र प्राप्त करने की कार्रवाई शीघ्र शुरू की जाएगी।
भूमिहीनों को मिलेगा लाभ
बारानी भूमि आबंटन आदेष में लागू की गई षर्तों में शिथिलता प्रदान की गई है।इससे जिले के भूमिहीनों को लाभ मिलेगा। आबंटन योग्य जमीनों का चिन्हीकरण करने के बाद जल्द आवेदन प्रक्रिया षुरू करवाई जाएगी।
-ओम कसेरा, जिला कलक्टर, जैसलमेर





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