जिले में डेंगू और स्क्रब टायफस का खतरा बढ़ रहा है। मौसम में बदलाव के कारण अचानक से अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सामान्य वायरल, मलेरिया, खांसी-जुकाम के मरीजों के साथ-साथ डेंगू, स्क्रब टायफस और स्वाइन फ्लू के मरीज भी ज्यादा आ रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस सितम्बर माह तक डेंगू के 208 और स्क्रब टायफस के 95 मरीज सामने आ चुके हैं। जबकि पिछले साल सितम्बर तक डेंगू और स्क्रब टायफस के मरीजों की संख्या इससे काफी कम थी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल 22 सितम्बर 2018 तक जिले में 2 लाख 66 हजार 882 लोगों की रक्त स्लाइड तैयार की गई है, जबकि पिछले साल 22 सितम्बर 2017 तक 2 लाख 98 हजार 136 लोगों की रक्त स्लाइड तैयार की गई थी। इस साल मलेरिया पॉजिटिव मरीजों की संख्या 173 पहुंच चुकी है। इसी प्रकार डेंगू के 208, चिकुनगुनिया के 14, स्क्रब टायफस के 95 और स्वाइन फ्लू के 48 मरीज सामने आ चुके हैं। इसके अलावा वायरल बुखार व खांसी-जुकाम के मरीजों की सरकारी और निजी अस्पतालों में कतारें लगी हैं।
स्वास्थ्य विभाग हुआ अलर्ट
जिले में मौसमी बीमारियों बढ़ते प्रकोप के चलते स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला मुख्यालय पर जिला अस्पताल में 24 घंटे कंट्रोल स्थापित किया गया है। हर बीसीएमओ के ऊपर के कंट्रोल रूम तथा रेपिड रेस्पोंस टीम बनाई गई है। सभी सीएचसी और पीएचसी पर मौसमी बीमारियों के लॉजिस्टक व मेडिसिन उपलब्ध कराई गई है। पॉजिटिव केसों के घरों का सर्वे और क्रॉस वैरिफिकेशन किया जा रहा है। इसके अलावा पशु पालन विभाग से सम्पर्क कर स्क्रब टायफस की रोकथाम के लिए जानवरों पर पायरेथ्रम का स्प्रे कराया जा रहा है।
तूलेड़ा में मां-बेटी को डेंगू
तूलेड़ा उपसरपंच बबीता वर्मा ने बताया कि तूलेड़ा मेन रोड पर नाले का गंदा पानी एकत्रित होता है, जिसके कारण बीमारियों का खतरा बना हुआ है। घर-घर में लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में है।
नाले के समीप स्थित डेढ़वाल बस्ती में ऐमना (55) पत्नी अली मोहम्मद और उसकी पुत्री अंजुमन (22) के डेंगू पॉजिटिव मिला है। दोनों का शहर के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। नाले की सफाई और मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए जल्द ही यूआईटी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ज्ञापन दिया जाएगा।





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